अपनी पहचान और परंपराओं को नहीं भूलना चाहिए : विनय कुमार सक्सेना राज्यपालदिल्ली एवं कुलाधिपति

दिल्ली फार्मास्यूटिकल साइंसेस और रिसर्च यूनिवर्सिटी का 8वाँ वार्षिक दीक्षांत समारोह 2026: फार्मास्यूटिकल साइंसेज, फिजियोथेरेपी एवं एलाइड हेल्थ केयर में नवाचार और उत्कृष्टता का उत्सव

( विजय गौड़ ब्यूरो चीफ ) दिल्ली फार्मास्यूटिकल साइंसेस और रिसर्च यूनिवर्सिटी (DPSRU) ने विज्ञान भवन सभागार में अपना आठवाँ वार्षिक दीक्षांत समारोह अत्यंत गरिमामय वातावरण में आयोजित किया। यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार के नेतृत्व में निकली भव्य शैक्षणिक शोभायात्रा इस समारोह का प्रमुख आकर्षण रही, जिसमें कुलाधिपति, मुख्य अतिथि, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष, विशिष्ट अतिथि, कुलपति, जनरल काउंसिल एवं बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्य, एसोसिएट डीन, निदेशकगण, अकादमिक काउंसिल के सदस्य एवं संकाय सदस्य शामिल रहे।

इस समारोह की अध्यक्षता दिल्ली के उपराज्यपाल एवं DPSRU के कुलाधिपति विनय कुमार
सक्सेना ने की। राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) की कार्यकारी समिति केअध्यक्ष श्री अनिल सहस्रबुद्धे इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कुलपति प्रो. (डॉ.) रविचंद्रन वी. ने DPSRU के विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों और
योगदान के सम्मान में इस समारोह की मेजबानी की। स्वागत भाषण में प्रो. (डॉ.) रविचंद्रन वी. ने
विश्वविद्यालय की प्रमुख उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। अपने दीक्षांत संबोधन में अनिल सहस्रबुद्धे ने
सतत् सीखने और बदलते समय के अनुरूप स्वयं को ढालने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकासशील सोच (Growth Mindset) अपनाकर और आजीवन सीखने के महत्व को समझकर व्यक्ति न केवल समय से आगे रह सकता है, बल्कि समाज में सार्थक योगदान भी दे सकता है।
उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के अध्यक्षीय संबोधन ने सभी को गहराई से प्रेरित
किया। उन्होंने कड़ी मेहनत, आजीवन सीखने और नवाचार को अपनाने के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत और मूल्यों से जुड़े रहने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यह स्मरण कराया कि तेज़ी से बदलती दुनिया की जटिलताओं के बीच हमें अपनी पहचान और परंपराओं को नहीं भूलना चाहिए।
शैक्षणिक अधिष्ठाता (अकादमिक्स) डॉ. प्रबोध सी. शर्मा ने विभिन्न पाठ्यक्रमों से उत्तीर्ण हुए 756
विद्यार्थियों की डिग्रियों की औपचारिक घोषणा (Grace) प्रस्तुत की। इनमें M.Pharm, B.Pharm,
MBA-PM, MBA-ITM, MBA-HHM, MPH, MPT–Sports Medicine, M.Sc. AIM, BBA-CH,Bachelor of Physiotherapy, B.Sc. (Hons.) Biomedical Science, B.Sc. (Hons.) Sport Sciences, BMLT, D. Pharm, DMLT तथा 21 पीएच.डी. शामिल थीं। इसके पश्चात DPSRU के रजिस्ट्रार डॉ. रामचंदर खत्री ने स्नातकों का रजिस्टर माननीय कुलाधिपति के समक्ष हस्ताक्षर हेतु प्रस्तुत किया।
समारोह के दौरान अनेक प्रतिष्ठित स्वर्ण पदक एवं पुरस्कार प्रदान किए गए।सीताराम जिंदल फाउंडेशन स्वर्ण पदक सुश्री लवली शुक्ला (B.Pharm) एवं सुश्री इशिका जैन (BPT) कोप्रदान किया गया। प्रो. एस. एस. अग्रवाल स्वर्ण पदक सुश्री लतिशा (D.Pharm) को मिला। विजयिन–एलनिचे स्वर्ण पदक सुश्री विधिका कुमारी (M.Pharm) को प्रदान किया गया।‘राजऋषि’ अजय पंकज पराशर स्वर्ण पदक सुश्री राज नंदिनी गुप्ता (M.Pharm, Drug Regulatory
Affairs) को दिया गया।AIMIL Pharmaceuticals India स्वर्ण पदक सुश्री रश्मि सिंह (M.Pharm,
Pharmacognosy) को मिला। सोशील कुमार जैन, पैनासिया बायोटेक स्वर्ण पदक सुश्री काव्या गुप्ता (M.Pharm, Biotechnology) को प्रदान किया गया। राजेश चंद अरोड़ा, आग्या बायोटेक स्वर्ण पदक सुश्री ट्रिंकल अग्रवाल (M.Pharm, Pharmacology) को दिया गया। स्नेह प्रभा नेमी चंद जैन स्वर्ण पदक सुश्री विधिका कुमारी (M.Pharm, Pharmaceutics/इंडस्ट्रियल Pharmacy/Pharmaceutical Quality Assurance) को प्रदान किया गया। एम. जी. जॉर्ज मुथूट एक्सीलेंस स्वर्ण पदक सुश्री विनिता सिंह (MBA–Pharmaceutical Management & International Trade Management), सुश्री निशि शर्मा (MBA–Healthcare
and Hospital Management) तथा सुश्री भाविका नागपाल (Masters in Public Health) को प्रदान किया गया।
JWALAT–ALNICHE पुरस्कार Nanoclean Global Pvt. Ltd. को दिया गया। कुलपति स्वर्ण पदक सुश्री सोनाली सिंह (B.Sc. (H) Sports Sciences), सुश्री प्रिया पटेल (DMLT), सुश्री उमैरा हसन (M.Pharm), सुश्री नंदिनी भारद्वाज (MPT), सुश्री सुमैया क़ासिम (M.Pharm,Pharmaceutical Analysis), सुश्री हर्षिता बिष्ट (M.Sc. AIM), अमन शर्मा (B.Sc. (H) Biomedical Science), भारत खरबंदा (M.Pharm, Ex-DRS), तुषार बंसल BBA–Healthcare), सुश्री श्वेता सिंह (BMLT) तथा तनिष रॉय चौधरी (B.Pharm, Ayurveda) को प्रदान किया गया। प्रतिष्ठित LG ट्रॉफी पुरस्कार सुश्री स्विधि जैन (B.Pharm) को तथा प्रो. एस. एस. अग्रवाल ट्रॉफी श्री मनीष (BPT) को प्रदान की गई।
यह दीक्षांत समारोह न केवल विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत और शैक्षणिक उत्कृष्टता का सम्मान था, बल्कि नवाचार, रचनात्मकता और समग्र शिक्षा के प्रति DPSRU की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। अंतर्विषयक शिक्षण, अनुसंधान और मूल्य-आधारित शिक्षा को एकीकृत कर DPSRU फार्मास्यूटिकल साइंसेज़, प्रबंधन, फिजियोथेरेपी और एलाइड हेल्थ केयर के क्षेत्र में भविष्य के नेतृत्वकर्ताओं को तैयार कर रहा है।
विजय गौड़ ब्यूरो चीफ ) दिल्ली फार्मास्यूटिकल साइंसेस और रिसर्च यूनिवर्सिटी (DPSRU) ने विज्ञान भवन सभागार में अपना आठवाँ वार्षिक दीक्षांत समारोह अत्यंत गरिमामय वातावरण में आयोजित किया। यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार के नेतृत्व में निकली भव्य शैक्षणिक शोभायात्रा इस समारोह का प्रमुख आकर्षण रही, जिसमें कुलाधिपति, मुख्य अतिथि, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष, विशिष्ट अतिथि, कुलपति, जनरल काउंसिल एवं बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्य, एसोसिएट डीन, निदेशकगण, अकादमिक काउंसिल के सदस्य एवं संकाय सदस्य शामिल रहे।

इस समारोह की अध्यक्षता दिल्ली के उपराज्यपाल एवं DPSRU के कुलाधिपति विनय कुमार
सक्सेना ने की। राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) की कार्यकारी समिति केअध्यक्ष श्री अनिल सहस्रबुद्धे इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कुलपति प्रो. (डॉ.) रविचंद्रन वी. ने DPSRU के विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों और
योगदान के सम्मान में इस समारोह की मेजबानी की। स्वागत भाषण में प्रो. (डॉ.) रविचंद्रन वी. ने
विश्वविद्यालय की प्रमुख उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। अपने दीक्षांत संबोधन में अनिल सहस्रबुद्धे ने
सतत् सीखने और बदलते समय के अनुरूप स्वयं को ढालने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकासशील सोच (Growth Mindset) अपनाकर और आजीवन सीखने के महत्व को समझकर व्यक्ति न केवल समय से आगे रह सकता है, बल्कि समाज में सार्थक योगदान भी दे सकता है।
उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के अध्यक्षीय संबोधन ने सभी को गहराई से प्रेरित
किया। उन्होंने कड़ी मेहनत, आजीवन सीखने और नवाचार को अपनाने के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत और मूल्यों से जुड़े रहने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यह स्मरण कराया कि तेज़ी से बदलती दुनिया की जटिलताओं के बीच हमें अपनी पहचान और परंपराओं को नहीं भूलना चाहिए।
शैक्षणिक अधिष्ठाता (अकादमिक्स) डॉ. प्रबोध सी. शर्मा ने विभिन्न पाठ्यक्रमों से उत्तीर्ण हुए 756
विद्यार्थियों की डिग्रियों की औपचारिक घोषणा (Grace) प्रस्तुत की। इनमें M.Pharm, B.Pharm,
MBA-PM, MBA-ITM, MBA-HHM, MPH, MPT–Sports Medicine, M.Sc. AIM, BBA-CH,Bachelor of Physiotherapy, B.Sc. (Hons.) Biomedical Science, B.Sc. (Hons.) Sport Sciences, BMLT, D. Pharm, DMLT तथा 21 पीएच.डी. शामिल थीं। इसके पश्चात DPSRU के रजिस्ट्रार डॉ. रामचंदर खत्री ने स्नातकों का रजिस्टर माननीय कुलाधिपति के समक्ष हस्ताक्षर हेतु प्रस्तुत किया।
समारोह के दौरान अनेक प्रतिष्ठित स्वर्ण पदक एवं पुरस्कार प्रदान किए गए।सीताराम जिंदल फाउंडेशन स्वर्ण पदक सुश्री लवली शुक्ला (B.Pharm) एवं सुश्री इशिका जैन (BPT) कोप्रदान किया गया। प्रो. एस. एस. अग्रवाल स्वर्ण पदक सुश्री लतिशा (D.Pharm) को मिला। विजयिन–एलनिचे स्वर्ण पदक सुश्री विधिका कुमारी (M.Pharm) को प्रदान किया गया।‘राजऋषि’ अजय पंकज पराशर स्वर्ण पदक सुश्री राज नंदिनी गुप्ता (M.Pharm, Drug Regulatory
Affairs) को दिया गया।AIMIL Pharmaceuticals India स्वर्ण पदक सुश्री रश्मि सिंह (M.Pharm,
Pharmacognosy) को मिला। सोशील कुमार जैन, पैनासिया बायोटेक स्वर्ण पदक सुश्री काव्या गुप्ता (M.Pharm, Biotechnology) को प्रदान किया गया। राजेश चंद अरोड़ा, आग्या बायोटेक स्वर्ण पदक सुश्री ट्रिंकल अग्रवाल (M.Pharm, Pharmacology) को दिया गया। स्नेह प्रभा नेमी चंद जैन स्वर्ण पदक सुश्री विधिका कुमारी (M.Pharm, Pharmaceutics/इंडस्ट्रियल Pharmacy/Pharmaceutical Quality Assurance) को प्रदान किया गया। एम. जी. जॉर्ज मुथूट एक्सीलेंस स्वर्ण पदक सुश्री विनिता सिंह (MBA–Pharmaceutical Management & International Trade Management), सुश्री निशि शर्मा (MBA–Healthcare
and Hospital Management) तथा सुश्री भाविका नागपाल (Masters in Public Health) को प्रदान किया गया।
JWALAT–ALNICHE पुरस्कार Nanoclean Global Pvt. Ltd. को दिया गया। कुलपति स्वर्ण पदक सुश्री सोनाली सिंह (B.Sc. (H) Sports Sciences), सुश्री प्रिया पटेल (DMLT), सुश्री उमैरा हसन (M.Pharm), सुश्री नंदिनी भारद्वाज (MPT), सुश्री सुमैया क़ासिम (M.Pharm,Pharmaceutical Analysis), सुश्री हर्षिता बिष्ट (M.Sc. AIM), अमन शर्मा (B.Sc. (H) Biomedical Science), भारत खरबंदा (M.Pharm, Ex-DRS), तुषार बंसल BBA–Healthcare), सुश्री श्वेता सिंह (BMLT) तथा तनिष रॉय चौधरी (B.Pharm, Ayurveda) को प्रदान किया गया। प्रतिष्ठित LG ट्रॉफी पुरस्कार सुश्री स्विधि जैन (B.Pharm) को तथा प्रो. एस. एस. अग्रवाल ट्रॉफी श्री मनीष (BPT) को प्रदान की गई।
यह दीक्षांत समारोह न केवल विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत और शैक्षणिक उत्कृष्टता का सम्मान था, बल्कि नवाचार, रचनात्मकता और समग्र शिक्षा के प्रति DPSRU की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। अंतर्विषयक शिक्षण, अनुसंधान और मूल्य-आधारित शिक्षा को एकीकृत कर DPSRU फार्मास्यूटिकल साइंसेज़, प्रबंधन, फिजियोथेरेपी और एलाइड हेल्थ केयर के क्षेत्र में भविष्य के नेतृत्वकर्ताओं को तैयार कर रहा है।

विजय गौड़

  • Leema

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