देश में पहली बार MAMC-लोक नायक अस्पताल ने बनाया नया कीर्तिमान, 345 बच्चों की वीडियो यूरोडायनामिक स्टडी पूरी

नई दिल्ली। मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज (MAMC) एवं उससे संबद्ध लोक नायक अस्पताल के पीडियाट्रिक सर्जरी (बाल रोग सर्जरी) विभाग ने बाल चिकित्सा के क्षेत्र में एक नया राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किया है। विभाग ने अब तक 345 बच्चों की सफल ‘वीडियो यूरोडायनामिक स्टडी’ (VUDS) कर देश में सबसे अधिक संख्या में यह विशेष जांच करने वाला पहला सरकारी अस्पताल बनने का गौरव प्राप्त किया है।
वीडियो यूरोडायनामिक स्टडी एक अत्याधुनिक एवं जटिल जांच प्रक्रिया है, जिसमें मूत्राशय के दबाव (ब्लैडर प्रेशर) की जांच के साथ रीयल-टाइम एक्स-रे इमेजिंग की जाती है। इस तकनीक से बच्चों में मूत्राशय और मूत्र मार्ग से जुड़ी गंभीर बीमारियों का सटीक निदान संभव होता है, जिससे किडनी को होने वाले स्थायी नुकसान से बचाया जा सकता है।
इस उपलब्धि की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वर्ष 2021 में इस सुविधा की शुरुआत से लेकर अब तक 345 मामलों का मूल्यांकन अकेले प्रोफेसर डॉ. सुजय नियोगी ने किया है। उन्होंने बताया कि भारत में बच्चों के लिए इस स्तर का वीडियो यूरोडायनामिक कार्यक्रम पहले कहीं उपलब्ध नहीं था। शून्य से इस सुविधा की स्थापना कर इसे राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना उनके लिए एक चुनौतीपूर्ण लेकिन संतोषजनक अनुभव रहा।
पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की प्रमुख डायरेक्टर प्रो. डॉ. सिम्मी रतन ने कहा कि विभाग के उत्कृष्ट कार्य के कारण अब निजी एवं कॉर्पोरेट अस्पतालों से भी बड़ी संख्या में मरीज रेफर किए जा रहे हैं। उन्होंने इस सफलता का श्रेय विभाग की पूरी टीम को दिया।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. चिरंजीव, डॉ. प्रफुल्ल, डॉ. गौरव सक्सेना, डॉ. राघव नारंग और डॉ. शीतल उप्रेती सहित विभाग के सभी फैकल्टी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। वहीं नर्सिंग ऑफिसर विक्टर, भ्रामवती तथा नर्सिंग अर्दली मिस प्रीति की समर्पित सेवाओं ने बच्चों की जटिल जांचों को सहज और सुरक्षित बनाने में अहम भूमिका निभाई।
विभाग ने एक और महत्वपूर्ण पहल करते हुए बच्चों में मल असंयम (एनल इनकॉन्टिनेंस) के उपचार के लिए ‘पीडियाट्रिक एनोरेक्टल बायोफीडबैक’ जैसी आधुनिक एवं नॉन-इनवेसिव चिकित्सा सुविधा भी शुरू की है। इसके साथ ही MAMC और लोक नायक अस्पताल देश में पीडियाट्रिक यूरोलॉजी एवं गैस्ट्रोएंटरोलॉजी सेवाओं के क्षेत्र में अग्रणी संस्थानों में शामिल हो गया है।
अस्पताल प्रशासन ने इस उपलब्धि को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताते हुए कहा कि मेडिकल डायरेक्टर डॉ. बी.एल. चौधरी के नेतृत्व एवं प्रशासनिक सहयोग से ही यह नवाचार संभव हो सका। विभाग ने विश्वास जताया कि यह उपलब्धि भविष्य में देशभर के बाल रोगियों को बेहतर एवं अत्याधुनिक उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में नया मानक स्थापित करेगी।

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