नई दिल्ली, राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की प्रमुख पहल ‘साइबर डिफेंडर कोर्स’, जिसे महानिदेशक एनसीसी लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वात्स, YSM, SM, VSM के नेतृत्व में परिकल्पित, विकसित एवं संचालित किया गया, आज डीजी एनसीसी कैंप, नई दिल्ली में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कोर्स की सफल समाप्ति के साथ साइबर जागरूक, तकनीकी रूप से दक्ष तथा उभरते साइबर खतरों का सामना करने में सक्षम नई पीढ़ी के एनसीसी साइबर योद्धाओं को तैयार करने का उद्देश्य सफलतापूर्वक प्राप्त हुआ। दिल्ली में आयोजित साइबर डिफेंडर कैंप का संचालन 7 दिल्ली गर्ल्स बटालियन एनसीसी के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल अस्विन सुब्बा के नेतृत्व में, एनसीसी ग्रुप मुख्यालय ‘बी’, दिल्ली निदेशालय के तत्वावधान में किया गया। इस कोर्स में दिल्ली, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख तथा पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश एवं चंडीगढ़ निदेशालयों के 240 कैडेटों ने भाग लिया और सभी ने प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया।
यह कोर्स राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (NIELIT) के सहयोग से आयोजित किया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने व्याख्यान, व्यावहारिक प्रदर्शन और हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण प्रदान किया, जिससे कैडेटों को साइबर स्वच्छता, साइबर सुरक्षा, एथिकल हैकिंग की मूल बातें, डिजिटल फॉरेंसिक, साइबर कानून और उभरते साइबर खतरों का ज्ञान एवं कौशल प्राप्त हुआ। यह पहल एनसीसी कैडेटों को साइबर जागरूकता के दूत बनने और सुरक्षित डिजिटल समाज के निर्माण में योगदान देने के लिए सशक्त बनाती है।
कोर्स के दौरान महानिदेशक एनसीसी लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वात्स, YSM, SM, VSM ने प्रशिक्षण स्थल का दौरा किया, कैडेटों एवं प्रशिक्षकों से संवाद किया तथा प्रशिक्षण की उच्च गुणवत्ता की सराहना की। उन्होंने साइबर सुरक्षा को राष्ट्रीय सुरक्षा का महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए कैडेटों को अपने साइबर कौशल को निरंतर विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
30 जुलाई 2026 को आयोजित समापन समारोह में एडीजी दिल्ली निदेशालय मेजर जनरल रविंदर कुमार, SM, VSM मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने कैडेटों को बधाई दी, सफल प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए तथा प्रशिक्षकों, आयोजकों और विशेष रूप से NIELIT के योगदान की सराहना की।
240 एनसीसी कैडेटों द्वारा साइबर डिफेंडर कोर्स की सफल पूर्णता राष्ट्र निर्माण के प्रति एनसीसी की प्रतिबद्धता का एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह कार्यक्रम तकनीकी रूप से सक्षम, अनुशासित और सामाजिक रूप से उत्तरदायी युवाओं को तैयार करने तथा ‘साइबर सुरक्षित भारत’ और ‘विकसित भारत’ के राष्ट्रीय दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देता है।






