अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) उद्यमियों के लिएसरकारी योजनाओं, बैंकिंग प्रक्रियाओं तथा वित्तीय संस्थागत सहयोग परआधारित एक उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन दिल्लीफार्मास्युटिकल साइंसेज़ एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी (DPSRU) के सभागारमें किया गया। कार्यक्रम का आयोजन DPSRU–CRTDH एवं DIIF द्वारा, MSME–DFO, ओखला के सहयोग से किया गया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य संभावित एवं वर्तमान उद्यमियों के मध्य उद्यमिताको प्रोत्साहित करने हेतु उपलब्ध सरकारी पहलों, वित्तीय सहायतायोजनाओं तथा संस्थागत समर्थन तंत्र के संबंध में जागरूकता उत्पन्नकरना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत उद्बोधन से हुआ, जिसे डॉ. गौरव के. जैन, समन्वयक, DPSRU–CRTDH तथा डॉ. मीनाक्षी के. चौहान, निदेशक, DIIF द्वारा प्रस्तुत किया गया। अपने संबोधन में उन्होंनेसमावेशी आर्थिक विकास में उद्यमिता की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाशडाला।
विशेषज्ञ सत्रों के अंतर्गत श्री डी. एस. तोमर, उपनिदेशक, MSME–DFO, ओखला ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) से संबंधितविभिन्न योजनाओं एवं सहायता तंत्र की विस्तृत जानकारी प्रदान की। डॉ. दिव्या अग्रवाल, सहायक महाप्रबंधक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया नेएमएसएमई वित्तपोषण, बैंकिंग प्रक्रियाओं तथा ऋण सुविधाओं के संबंधमें मार्गदर्शन दिया। श्री सिद्धार्थ भट्ट, NSIC ने नेशनल एससी/एसटी हब(NSSH) योजनाओं एवं उद्यमियों के लिए उपलब्ध अवसरों पर प्रकाशडाला। श्री सौरभ तिवारी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, DIIF ने उद्यमिताकौशल, नवाचार तथा सफल उद्यमिता हेतु आवश्यक दृष्टिकोण पर अपनेविचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा इच्छुक उद्यमियों की उत्साहपूर्णसहभागिता रही। संवादात्मक सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को विभिन्नयोजनाओं, वित्तीय अवसरों तथा उद्यम स्थापना की प्रक्रियाओं के संबंधमें जानकारी प्राप्त हुई।
अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापनहुआ।
दिल्ली से विजय गौड़ ब्यूरो चीफ की विशेष रिपोर्ट




