दिल्ली पुलिस का शिकंजा: ‘डॉलर गैंग’ के चार ठग गिरफ्तार, फर्जी नोटों से ठगी का खुलासा

दिल्ली पुलिस की उत्तर-पश्चिम जिला टीम ने कुख्यात ‘डॉलर गैंग’ के चार शातिर ठगों को गिरफ्तार कर चार मामलों का खुलासा किया है। ये आरोपी अमेरिकी डॉलर के बदले भारतीय रुपये देने का झांसा देकर लोगों को ठगते थे। पुलिस ने इनके पास से 8 अमेरिकी डॉलर के नोट, दो अखबार के रोल, 40,300 रुपये नकद, 10 बांग्लादेशी टका और 11 मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

दिल्ली के धौला कुआं इलाके में 13 फरवरी को एक व्यक्ति को ठगों ने अमेरिकी डॉलर के बदले भारतीय रुपये देने का लालच दिया। पीड़ित लालच में आकर लगातार आरोपियों से संपर्क में रहा और 16 फरवरी को 2 लाख रुपये लेकर शकरपुर स्थित सम्राट सिनेमा के पास पहुंचा। वहां उसे एक नीला बैग सौंपा गया, जिसमें कथित तौर पर 1,000 डॉलर के नोट थे। जब उसने बैग खोला तो उसमें सिर्फ अखबार, रूमाल, साबुन और डिटर्जेंट निकले। ठगी का एहसास होते ही उसने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने इंस्पेक्टर महेश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की, जिसमें एसआई जितेंद्र सिंह, एसआई नीरज राठौर, एसआई प्रवीण, एएसआई यशपाल, एएसआई नीरज राणा, हवलदार दरवेश और हवलदार धर्मराज शामिल थे। टीम ने करीब 190 सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी जांच के आधार पर गुरुग्राम के धुंधहेड़ा गांव में छापेमारी कर चारों आरोपियों को धर-दबोचा।

गिरफ्तार आरोपियों में 41 वर्षीय सलीम खान, 36 वर्षीय अली हसन, 28 वर्षीय कलाम और 38 वर्षीय ढोलू शेख शामिल हैं। इनमें से अली हसन और ढोलू शेख पहले भी धोखाधड़ी के मामलों में शामिल रह चुके हैं। जांच में पता चला कि ये सभी बांग्लादेशी नागरिक हैं, जिन्होंने फर्जी दस्तावेजों के जरिए आधार कार्ड बनवा रखा था। पुलिस ने इनके आधार कार्ड रद्द करने के लिए यूआईडीएआई को पत्र भेजा है और एफआरआरओ को भी रिपोर्ट सौंपी गई है।

‘डॉलर गैंग’ ठगी करने के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में बंटा हुआ था। गैंग में ‘थेथ बाज’ शिकार खोजता, ‘मिस्त्री’ सौदे को फाइनल करता, ‘पागल’ धोखे से असली नोटों की जगह अखबार की गड्डियां थमा देता, ‘ठेकेदार’ पूरे नेटवर्क को संभालता और ‘पहरेदार’ सुरक्षा की निगरानी करता।

पुलिस ने इनके कब्जे से 20 और 10 डॉलर के नकली नोट, बांग्लादेशी टका, ठगी में इस्तेमाल किए गए अखबार के रोल, नकद 40,300 रुपये और 11 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इनके खिलाफ पहले भी कई ठगी के मामले दर्ज हैं और अब पुलिस इन्हें देश से बाहर भेजने की कार्रवाई में जुटी है।

डीसीपी उत्तर-पश्चिम भिशम सिंह ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और इनके नेटवर्क को तोड़ने के लिए आगे की जांच की जा रही है।

  • Leema

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