दिल्ली बनेगी हरित ऊर्जा की राजधानी: केंद्रीय और राज्य सरकार मिलकर बना रही आत्मनिर्भर भारत की ऊर्जा कहानी

नई दिल्ली, 30 अक्टूबर।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से “ग्लोबल ग्रीन एनर्जी हब” बनने की दिशा में अग्रसर है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली भी स्वच्छ और स्मार्ट ऊर्जा समाधान की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति कर रही है। दिल्ली के सामाजिक कल्याण, सहकारिता एवं चुनाव मंत्री श्री रवींद्र इंद्राज ने कहा कि दिल्ली सरकार प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत सब्सिडी प्रक्रिया को और सरल बना रही है ताकि नागरिकों को त्वरित रूप से लाभ और कनेक्शन मिल सके।

श्री इंद्राज किलोकरी, नई दिल्ली में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) की आठवीं महासभा में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दिल्ली ने अब तक 250 मेगावाट से अधिक रूफटॉप सोलर क्षमता विकसित कर ली है और वर्ष 2027 तक इसे 500 मेगावाट तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। राजधानी अब स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर है।

इस अवसर पर मंत्री ने वैश्विक प्रतिनिधियों के साथ किलोकरी बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) का भी दौरा किया, जो दक्षिण एशिया की सबसे बड़ी यूटिलिटी-स्केल बैटरी स्टोरेज सुविधा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में गर्मियों के दौरान बिजली की माँग 8,000 मेगावाट से भी अधिक पहुँच जाती है, लेकिन मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने शहर के हर कोने तक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की है।

श्री इंद्राज ने कहा कि दिल्ली भले ही अन्य राज्यों की तरह विशाल भूमि संसाधनों से संपन्न न हो, लेकिन उसने नवाचार, सौर ऊर्जा और डिजिटल तकनीक के माध्यम से ऊर्जा क्षेत्र में उदाहरण प्रस्तुत किया है। दिल्ली की नई सौर नीति का लक्ष्य है — “हर छत बने पावर प्लांट।”

उन्होंने बताया कि सरकार न केवल सौर ऊर्जा को बढ़ावा दे रही है, बल्कि प्रदूषण को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग और चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी तेज़ी से विस्तार दे रही है। सरकार का उद्देश्य वर्ष 2030 तक 80 प्रतिशत सार्वजनिक परिवहन को इलेक्ट्रिक बनाना है, जिससे राजधानी की हवा और परिवहन दोनों स्वच्छ बन सकें।

मंत्री ने बीएसईएस (BSES) के प्रयासों की भी सराहना की, जो बैटरी स्टोरेज, रूफटॉप सोलर और स्मार्ट ग्रिड्स को जोड़कर दिल्ली के इंटेलिजेंट एनर्जी इकोसिस्टम को सशक्त बना रहा है। उन्होंने जनकपुरी डिजिटल डिस्ट्रिब्यूशन डिवीजन की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि यह पूरे देश के लिए एक आदर्श मॉडल है।

श्री रवींद्र इंद्राज ने कहा, “प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के दूरदर्शी नेतृत्व में हम मिलकर दिल्ली को एक सच्चे अर्थों में ‘ग्रीन सिटी’ और विकसित भारत का प्रतीक बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

यह पहल न केवल दिल्ली को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और टिकाऊ भविष्य की नींव भी रखेगी।

  • Leema

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