दक्षिण-पश्चिम जिले की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने ऑपरेशन मिलाप के तहत दो लापता नाबालिग बच्चों को खोजकर उनके परिवारों से सकुशल मिलाने में सफलता हासिल की है। 17 साल की एक लड़की और 12 साल का एक लड़का अलग-अलग मामलों में लापता हो गए थे, जिनकी तलाश में पुलिस टीमों ने लगातार मेहनत की।
पहले मामले में, 17 दिसंबर 2024 को डाबड़ी थाने में एक नाबालिग लड़की के लापता होने की शिकायत दर्ज की गई थी। सीसीटीवी फुटेज की मदद से पता चला कि वह नई दिल्ली रेलवे स्टेशन गई थी। गहन जांच और नेटवर्किंग के बाद पुलिस टीम ने उसे बिहार से बरामद किया।
दूसरे मामले में, 27 अप्रैल 2025 को बिंदापुर थाने में 12 साल के लड़के के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। लगातार प्रयास और सार्वजनिक सहयोग से 5 मई को वह तिस हजारी कोर्ट के पास मिला।
दोनों बच्चों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके परिवारों को सौंप दिया गया। डीसीपी सुरेन्द्र चौधरी ने टीम की मानवीय संवेदनशीलता और लगन की सराहना की है।





