साइबर सेल ने दो शातिर ठगों को दबोचा, ₹10.64 लाख की ऑनलाइन ठगी का भंडाफोड़

दिल्ली पुलिस की साइबर सेल (दक्षिण-पश्चिम जिला) ने बैंक अधिकारी बनकर फोन पर लोगों को ठगने वाले दो शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। पकड़े गए आरोपियों ने फर्जी कॉल के जरिए शिकायतकर्ता के बैंक खाते से 10 लाख 64 हजार रुपये उड़ा लिए थे। पुलिस ने इनके पास से छह स्मार्टफोन भी बरामद किए हैं, जिनमें ठगी में इस्तेमाल किए गए कॉलिंग डिवाइस और बिलडेस्क एप्लीकेशन चलाने वाला डिवाइस शामिल है।

मामला 30 जून 2025 का है, जब शिकायतकर्ता को एक अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को एसबीआई का अधिकारी बताया और चेक बाउंस होने का हवाला देते हुए शिकायतकर्ता को व्हाट्सऐप पर एक लिंक भेजा। लिंक में एक .APK फाइल थी, जिसे इंस्टॉल करते ही शिकायतकर्ता के बैंक अकाउंट का एक्सेस आरोपियों को मिल गया। थोड़ी ही देर में शिकायतकर्ता के दो फिक्स्ड डिपॉजिट तोड़कर करीब 10 लाख रुपये उड़ा लिए गए और 48,600 रुपये गूगल एड्स में खर्च कर दिए गए। ओटीपी भी डाइवर्ट कर दिए गए ताकि किसी को भनक न लगे।

जांच में पता चला कि ठगों ने चोरी की रकम पहले बिलडेस्क के जरिए एक्सिस बैंक के क्रेडिट कार्ड में ट्रांसफर की, फिर एटीएम और गिफ्ट कार्ड्स के जरिए पैसे निकाल लिए। टेक्निकल सर्विलांस के बाद पुलिस को झारखंड के धनबाद में आरोपियों की लोकेशन मिली। इंस्पेक्टर प्रवेश कौशिक के नेतृत्व में एसआई अमित कुमार, एचसी संजय, एचसी मनोज, एचसी सचिन और कांस्टेबल रवि की टीम ने कई दिन तक रेकी कर छापेमारी की।

आखिरकार आरोपी शंकर दान को धनबाद से गिरफ्तार कर लिया गया, जिसके पास से चार मोबाइल फोन बरामद हुए। उसके बताए अनुसार दूसरा आरोपी प्रदीप कुमार दान पश्चिम बंगाल के तारापीठ से पकड़ा गया, जिससे दो फोन बरामद हुए। पूछताछ में पता चला कि शंकर दान अमेज़न पे से लोगों के मोबाइल नंबर निकालता था और फिर बैंक अधिकारी बनकर कॉल करता था। वो व्हाट्सऐप पर फर्जी .APK फाइल भेजकर लोगों के बैंक अकाउंट तक पहुंच बना लेता था। ठगी के पैसों का आधा हिस्सा शंकर खुद रखता था, जबकि प्रदीप बिलडेस्क ऐप से रकम ट्रांसफर करने में मदद करता था और 20% कमीशन लेता था।

पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी पहले भी साइबर ठगी और हत्या के मामलों में शामिल रह चुके हैं। शंकर ने इस ठगी से मोटरगाड़ी और महंगे सामान खरीदे थे और ऐशो-आराम की जिंदगी जी रहा था। फिलहाल पुलिस गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश में जुटी है और जांच जारी है।

  • Leema

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