नई दिल्ली में ट्रैफिक नियमों को लेकर अब सख्ती बढ़ने जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने चालान निपटारे के लिए नई डिजिटल और समयबद्ध व्यवस्था लागू करने का ऐलान किया है, जिसके तहत अब तय समय में चालान का भुगतान या चुनौती देना अनिवार्य होगा।
नई व्यवस्था के अनुसार, चालान की पूरी प्रक्रिया डिजिटल निगरानी में होगी। कैमरों और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के जरिए चालान स्वतः जनरेट होंगे और संबंधित व्यक्ति को तीन दिनों के भीतर ऑनलाइन नोटिस मिल जाएगा। जिन मामलों में डिजिटल जानकारी उपलब्ध नहीं होगी, वहां 15 दिनों के भीतर फिजिकल नोटिस भेजा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि चालान मिलने के बाद 45 दिनों के भीतर या तो भुगतान करना होगा या फिर पोर्टल के माध्यम से उसे चुनौती देनी होगी। यदि निर्धारित समय में कोई कार्रवाई नहीं होती, तो चालान स्वतः स्वीकार माना जाएगा। खास बात यह है कि अब कोर्ट में चुनौती देने के लिए चालान राशि का 50 प्रतिशत पहले जमा करना अनिवार्य होगा।
बार-बार नियम तोड़ने वालों पर भी सख्ती बढ़ाई गई है। एक वर्ष में पांच या उससे अधिक बार ट्रैफिक उल्लंघन करने पर ड्राइविंग लाइसेंस के निलंबन या अयोग्यता की कार्रवाई की जा सकती है।
सरकार ने चेतावनी दी है कि समयसीमा के बाद चालान का भुगतान न करने पर वाहन से जुड़े सभी कार्य, जैसे टैक्स, लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सेवाएं रोक दी जाएंगी। वाहन को पोर्टल पर ‘नॉट टू बी ट्रांजैक्टेड’ के रूप में चिन्हित कर दिया जाएगा और जरूरत पड़ने पर वाहन जब्त भी किया जा सकता है।
सरकार का कहना है कि यह नई प्रणाली ट्रैफिक नियमों के पालन को सुनिश्चित करने, पारदर्शिता बढ़ाने और सड़क सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।





