(एआई आधारित स्वास्थ्य सेवाओं पर के. आर. मंगलम विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में सिंगापुर, आयरलैंड, मलेशिया, आईआईटी, नाइपर तथा 40 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों से कुल 535 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन कुल 227 शोध प्रस्तुतियाँ हुईं, जिनमें 116 पोस्टर प्रस्तुतियाँ तथा 111 मौखिक प्रस्तुतियाँ शामिल थीं।)
के. आर. मंगलम विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मेडिकल एंड एलाइड साइंसेज द्वारा “फार्मा एंड एलाइड साइंसेज इन द एज ऑफ एआई: इनोवेशन्स एंड आईपीआर स्ट्रेटेजीज (PASAI–2026)” विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का सफल आयोजन 27–28 अप्रैल 2026 को किया गया। सम्मेलन की संयोजक एवं स्कूल ऑफ मेडिकल एंड एलाइड साइंसेज की डीन प्रो. (डॉ.) हेमा चौधरी ने बताया कि इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग तथा अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान प्रतिष्ठान का सहयोग प्राप्त था। सम्मेलन में सिंगापुर, आयरलैंड, मलेशिया, आईआईटी, नाइपर तथा 40 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों से कुल 535 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन कुल 227 शोध प्रस्तुतियाँ हुईं, जिनमें 116 पोस्टर प्रस्तुतियाँ तथा 111 मौखिक प्रस्तुतियाँ शामिल थीं। इन प्रस्तुतियों में फार्मा क्षेत्र में एआई के उपयोग, न्यूरोफार्माकोलॉजी, नैनो टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, बौद्धिक संपदा अधिकार, रेगुलेटरी अफेयर्स तथा पर्यावरण विज्ञान जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
मुख्य वक्तव्य डॉ. अनूप सिंह तथा यप्सोमेड इंडिया प्रा. लिमिटेड के प्रो. संजय राजपाल द्वारा प्रस्तुत किए गए, जिनमें एआई आधारित दवा खोज एवं फार्मास्युटिकल उद्योग में नवाचारों पर विशेष प्रकाश डाला गया। यह सम्मेलन एआई आधारित स्वास्थ्य सेवाओं, सतत फार्मास्युटिकल प्रथाओं तथा शोध एवं नवाचार पर सार्थक संवाद का महत्वपूर्ण मंच सिद्ध हुआ।
प्रो. (डॉ.) हेमा चौधरी ने कहा कि इस सम्मेलन ने के. आर. मंगलम विश्वविद्यालय, तथा अकादमिक संस्थानों, उद्योग जगत और नीति निर्माताओं के बीच सहयोग को और मजबूत किया है तथा भारत को स्वास्थ्य नवाचार के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व दिलाने की दिशा में विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को भी सुदृढ़ किया है।
दिल्ली से ब्यूरो चीफ विजय गौड़ की विशेष रिपोर्ट






