दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के 122वें स्थापना दिवस समारोह में हिस्सा लेते हुए कृषि और तकनीक के समन्वय को देश के विकास की मजबूत नींव बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक सोच और किसानों की भागीदारी से ही ‘विकसित भारत’ का सपना साकार होगा।
नई दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कृषि वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि Indian Agricultural Research Institute ने देश को हरित क्रांति से लेकर आधुनिक कृषि तकनीकों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। इस दौरान उन्होंने “Improved Crop Varieties for Food, Nutrition and Livelihood Security” और “Precision Floriculture and Landscape Design” जैसी महत्वपूर्ण प्रकाशनों का विमोचन भी किया।
सीएम ने कहा कि आज खेती तेजी से बदल रही है और प्रिसिजन फार्मिंग, क्लाइमेट स्मार्ट एग्रीकल्चर और AI आधारित तकनीकें इसे ज्यादा प्रभावी और टिकाऊ बना रही हैं। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए पेड़ लगाने, वर्टिकल गार्डनिंग, जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने की अपील की। साथ ही पीपल, नीम, बरगद और आम जैसे देशी पेड़ों को प्राथमिकता देने की बात कही।
उन्होंने बताया कि दिल्ली में पहली बार करीब 4200 हेक्टेयर रिज क्षेत्र को अधिसूचित किया गया है, जिससे ग्रीन कवर बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने संस्थान के साथ मिलकर मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने, शहरी हरियाली बढ़ाने और वैज्ञानिक तरीके से पौधारोपण करने की दिशा में काम करने की बात कही।
इस मौके पर मंत्री रविन्द्र इंद्राज सिंह ने भी कहा कि ‘ग्रीन दिल्ली’ से ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य किसानों, वैज्ञानिकों और सरकार के साझा प्रयासों से ही पूरा होगा। उन्होंने पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने, ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने की जरूरत पर जोर दिया।
कार्यक्रम में नरेन्द्र मोदी के विजन का जिक्र करते हुए कहा गया कि मजबूत कृषि व्यवस्था ही आत्मनिर्भर भारत की पहचान बनेगी। समारोह में कृषि वैज्ञानिकों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में गणमान्य लोगों ने भाग लिया, जहां नई तकनीकों और कृषि नवाचारों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही।




