दिल्ली पुलिस की नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट टीम ने इंदरलोक इलाके में मोबाइल स्नैचिंग की वारदातों को अंजाम देने वाले दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। आरोपियों के कब्जे से चार लूटे गए मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर प्लेट की स्कूटी बरामद की गई है। पुलिस की इस कार्रवाई से स्नैचिंग के चार मामले और एक एनसीआर का खुलासा हुआ है।
मामला 28-29 फरवरी 2026 की रात का है, जब सराय रोहिल्ला थाने में एक पीसीआर कॉल के जरिए मोबाइल स्नैचिंग की सूचना मिली। शिकायतकर्ता मुद्दसिर, जो भारत नगर के रहने वाले हैं, ने बताया कि रात करीब 11:15 बजे वह इंदरलोक मेट्रो स्टेशन से पैदल अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से स्कूटी पर आए दो बदमाशों ने उनका Motorola G-84 मोबाइल फोन झपट लिया और केशव पुरम की ओर फरार हो गए। घटना के बाद सराय रोहिल्ला थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीपी इंदरलोक के प्रभारी एसआई विपिन शोकीन के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की गहन जांच की। जांच के दौरान यह सामने आया कि दोनों बदमाश बिना नंबर प्लेट की स्कूटी पर सवार थे। पुलिस ने करीब 35 से 40 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालते हुए बदमाशों के भागने का पूरा रूट ट्रेस किया, जो केशव पुरम, नेताजी सुभाष प्लेस, पंजाबी बाग, मोती नगर और करोल बाग होते हुए सदर बाजार और बाड़ा हिंदू राव की तंग गलियों तक पहुंचता था।
स्थानीय सूत्रों और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस को पता चला कि बाड़ा हिंदू राव इलाके में बिना नंबर प्लेट की एक TVS Ntorq स्कूटी का इस्तेमाल नवेद उर्फ सुमेर उर्फ जमालुद्दीन नाम का एक कुख्यात स्नैचर कर रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मिठाई पुल इलाके में जाल बिछाया और 5 मार्च 2026 को नवेद और उसके साथी सद्दाम उर्फ रिजवान को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के समय आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुए, जो उसी दिन सुबह अलग-अलग इलाकों से छीने गए थे। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने इंदरलोक मेट्रो स्टेशन के पास हुई स्नैचिंग की वारदात को भी कबूल कर लिया। उनकी निशानदेही पर नवेद के घर से चोरी किया गया Motorola G-84 मोबाइल फोन और स्कूटी की नंबर प्लेट बरामद की गई, जबकि सद्दाम के घर से मोती नगर इलाके से छीना गया एक और मोबाइल फोन मिला।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी नशे के आदी हैं और अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए स्नैचिंग की वारदातों को अंजाम देते थे। छीने गए मोबाइल फोन को वे बाड़ा हिंदू राव इलाके के एक व्यक्ति को बेच देते थे, जो फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार नवेद पर पहले से ही स्नैचिंग और चोरी के 32 मामले दर्ज हैं, जबकि उसके साथी सद्दाम पर 22 मामले दर्ज हैं। दोनों आरोपी सदर बाजार इलाके के सक्रिय अपराधी माने जाते हैं।
दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई से इंदरलोक समेत कई इलाकों में सक्रिय स्नैचिंग गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है, जिससे क्षेत्र में होने वाली मोबाइल स्नैचिंग की घटनाओं पर लगाम लगने की उम्मीद है।






