दिल्ली के शाहदरा जिले की साइबर पुलिस ने गैस बिल अपडेट के बहाने ऑनलाइन ठगी करने वाले दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपियों ने एक व्यक्ति को गैस कनेक्शन कटने का डर दिखाकर उसके मोबाइल में फर्जी APK फाइल इंस्टॉल करवाई और फिर उसके बैंक खाते से करीब 4.35 लाख रुपये उड़ा लिए।
पीड़ित राम चंद्र चोपड़ा ने शिकायत में बताया कि 28 फरवरी 2026 को उन्हें एक मैसेज मिला, जिसमें कहा गया था कि यदि आज गैस बिल जमा नहीं किया गया तो उनका गैस कनेक्शन बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद आरोपी ने खुद को प्रतिनिधि बताकर एक “गैस बिल एप्लीकेशन” डाउनलोड करने को कहा और सोशल मीडिया के जरिए APK फाइल भेजी। जैसे ही पीड़ित ने फाइल इंस्टॉल की, साइबर ठगों ने उनके मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लिया और उसी दिन सात अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए खाते से 4.35 लाख रुपये निकाल लिए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना शाहदरा की टीम ने तकनीकी जांच शुरू की। जांच में पता चला कि APK फाइल का डेटा महाराष्ट्र के रायगढ़ निवासी चंदन से जुड़े सर्वरों पर भेजा जा रहा था, जिसने एक ही पहचान के जरिए करीब 40 सर्वर किराए पर लिए थे।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि ठगी की रकम का इस्तेमाल अलग-अलग शहरों में क्रेडिट कार्ड बिल चुकाने में किया गया। इसके बाद पुलिस ने हरियाणा के कालका और पंजाब के लुधियाना में छापेमारी कर दो आरोपियों — विकास कुमार और हरदीप कुमार — को गिरफ्तार कर लिया। दोनों फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी सोशल मीडिया ग्रुप्स के जरिए साइबर ठगी की रकम 10 प्रतिशत कमीशन पर खरीदते थे। इसके बाद वे क्रेडिट कार्ड और POS मशीनों की मदद से नकदी निकालते और बिल भुगतान करते थे। आरोपी विकास कुमार MBA ग्रेजुएट है, जबकि हरदीप कुमार सातवीं तक पढ़ा है और एक स्कूल में क्लीनर का काम करता है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन और कई क्रेडिट कार्ड बरामद किए हैं। मामले में अन्य आरोपियों और मुख्य हैकर की तलाश जारी है।
दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक या APK फाइल को बिना सत्यापन डाउनलोड न करें और साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।






