दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने एक बड़े ऑपरेशन में अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया और एक नाबालिग को पकड़ा है। इस कार्रवाई में करीब 4.5 करोड़ रुपये की कीमत की भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं बरामद की गई हैं, जिससे इस रैकेट के संगठित और बड़े स्तर पर चलने का खुलासा हुआ है।
पुलिस को 17 मार्च को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में ड्रग्स की खेप आने की पुख्ता सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने जोहरिपुर रोड स्थित शिव विहार तिराहे पर जाल बिछाकर एक युवक को नशीली दवाओं के साथ दबोच लिया। आरोपी की पहचान नितिन पाठक के रूप में हुई, जिसके पास से बड़ी मात्रा में अल्प्राजोलम और ट्रामाडोल टैबलेट्स बरामद हुईं।
पूछताछ में मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के भोपुरा स्थित एक मेडिकल स्टोर पर छापा मारकर प्रेम सिंह यादव को गिरफ्तार किया, जहां से ट्रामाडोल कैप्सूल की बड़ी खेप मिली। इसके बाद जांच आगे बढ़ाते हुए लक्ष्मी नगर में शालू कुमार के ठिकाने से भारी मात्रा में अल्प्राजोलम बरामद किया गया और उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। इस कड़ी में संजय सिंह को भी गिरफ्तार किया गया, जो इस नेटवर्क में सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ था।
जांच में सामने आया कि आरोपी लोग अवैध तरीके से नशीली दवाओं की सप्लाई कर रहे थे और मोटे मुनाफे के लालच में इस कारोबार में शामिल हुए थे। बरामद कुल ड्रग्स में करीब 3.539 किलो अल्प्राजोलम और 1.709 किलो ट्रामाडोल शामिल है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 4.5 करोड़ रुपये आंकी गई है।
इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है और पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। दिल्ली पुलिस ने साफ किया है कि नशे के कारोबार के खिलाफ इस तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।





