नई दिल्ली में लगातार बढ़ते तापमान और लू के खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘हीट वेव एक्शन प्लान 2026’ को और ज्यादा मजबूत और वैज्ञानिक बनाने के निर्देश दिए हैं। इस बार सरकार ने रणनीति को सिर्फ कागजों तक सीमित न रखकर जमीन पर लागू करने पर खास जोर दिया है, जिसमें बच्चों, मजदूरों और यहां तक कि पशु-पक्षियों तक की सुरक्षा शामिल है।
सरकार ने पहली बार सैटेलाइट डेटा और वैज्ञानिक विश्लेषण के आधार पर ‘थर्मल हॉटस्पॉट’ क्षेत्रों की पहचान की है। आयानगर, नजफगढ़, सफदरजंग, वजीरपुर, जहांगीरपुरी, ख्याला, शास्त्री पार्क और दिल्ली गेट जैसे इलाके अत्यधिक संवेदनशील पाए गए हैं, जहां तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच चुका है। इन इलाकों में अतिरिक्त पानी के टैंकर, ओआरएस पैकेट, स्वास्थ्य टीमें और क्विक रिस्पॉन्स यूनिट्स तैनात की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि गर्मी से बचाव केवल इंसानों तक सीमित नहीं रहेगा। दिल्ली विकास प्राधिकरण, शिक्षा विभाग और जल बोर्ड को निर्देश दिए गए हैं कि पार्कों, बस डिपो और स्कूलों में पक्षियों के लिए पानी और आवारा पशुओं के लिए छाया व जल की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
स्कूली बच्चों और श्रमिकों के लिए विशेष सुरक्षा उपाय भी लागू किए जा रहे हैं। जरूरत पड़ने पर बच्चों को छुट्टी से पहले ओआरएस घोल पिलाकर घर भेजा जाएगा ताकि डिहाइड्रेशन से बचाव हो सके। वहीं निर्माण स्थलों पर दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक काम पर रोक लगाई जा सकती है। मजदूरों को पानी के साथ कैप, गमछे और प्राथमिक चिकित्सा सुविधा भी दी जाएगी।
गर्मी से राहत देने के लिए ‘कूल रूफ पॉलिसी’ के तहत इमारतों की छतों पर रिफ्लेक्टिव कोटिंग की जा रही है। कश्मीरी गेट बस अड्डे पर इसका काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा बस स्टॉप पर मिस्टिंग सिस्टम और एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल कर तापमान कम करने की कोशिश की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग ने भी पूरी तैयारी कर ली है। सभी जिलों के स्वास्थ्य केंद्र अलर्ट पर हैं और कई अस्पतालों में विशेष कूल रूम बनाए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति में लोग 1077, 1070 या 112 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। शहरभर में ठंडे पानी और ओआरएस की व्यवस्था भी की जा रही है।
बढ़ती गर्मी के बीच बिजली की मांग भी रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने की आशंका है। इस साल दिल्ली में बिजली की मांग 9000 मेगावाट तक जा सकती है। इसे देखते हुए सरकार ने बिजली कंपनियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी हाल में सप्लाई बाधित नहीं होनी चाहिए। अस्पतालों, जल संयंत्रों और मोबाइल टावर जैसे जरूरी संस्थानों को 24 घंटे निर्बाध बिजली देने के लिए विशेष व्यवस्था लागू की गई है।
कुल मिलाकर, दिल्ली सरकार इस बार लू से निपटने के लिए हर स्तर पर तैयारी में जुटी है, ताकि राजधानी के लोगों को भीषण गर्मी के असर से अधिकतम राहत मिल सके।






