दिल्ली में लोकतंत्र को जमीनी स्तर पर समझाने और युवाओं को उससे जोड़ने की दिशा में एक नई पहल की शुरुआत हुई है। दिल्ली लेजिस्लेटिव असेंबली ने विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता की पहल पर साप्ताहिक ‘यूथ आउटरीच प्रोग्राम’ लॉन्च किया, जिसके तहत अब हर शनिवार छात्रों को विधानसभा की कार्यप्रणाली से रूबरू कराया जाएगा।
इस कार्यक्रम की शुरुआत महार्षि वाल्मीकि कॉलेज ऑफ एजुकेशन, गीता कॉलोनी के 75 छात्रों के पहले बैच के साथ हुई। इस दौरान छात्रों को दिल्ली विधानसभा के इतिहास और उसकी कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि 1912 में निर्मित यह भवन पहले सेंट्रल लेजिस्लेटिव असेंबली के रूप में इस्तेमाल होता था और आज भी लोकतांत्रिक व्यवस्था का अहम केंद्र बना हुआ है।
कार्यक्रम के तहत छात्रों को विधायी प्रक्रियाओं की जानकारी देने के साथ-साथ ‘एक शताब्दी यात्रा’ नामक विशेष प्रकाशन भेंट किया गया। साथ ही विधानसभा के इतिहास पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई, जिसमें अनुपम खेर ने वॉइसओवर दिया है। इसके अलावा छात्रों को विधानसभा परिसर का भ्रमण भी कराया गया, जिससे उन्हें प्रत्यक्ष अनुभव मिल सके।
इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि जागरूक और जिम्मेदार नागरिक ही मजबूत लोकतंत्र की नींव होते हैं। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य युवाओं को न केवल कानून निर्माण की प्रक्रिया से परिचित कराना है, बल्कि उन्हें लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक बनाना भी है।
यह कार्यक्रम दिल्ली विधानसभा सचिवालय की एक दीर्घकालिक योजना का हिस्सा है, जिसका मकसद युवाओं को सार्वजनिक जीवन और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जोड़कर सहभागिता और जवाबदेही की भावना को मजबूत करना है।





