दिल्ली सरकार के मोहल्ला क्लीनिकों में करोड़ों का भ्रष्टाचार: विजेंद्र गुप्ता

नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार द्वारा स्थापित मोहल्ला क्लीनिकों के कुप्रबंधन पर कड़ी आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से बनाए गए ये क्लीनिक भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए हैं, जिससे स्थानीय निवासियों को इसके लाभ से वंचित होना पड़ रहा है। गुप्ता का कहना है कि मोहल्ला क्लीनिक अपनी उद्देश्यपूर्ति में पूरी तरह विफल हो चुके हैं।

विजेंद्र गुप्ता ने कृष्णा नगर विधानसभा क्षेत्र के गीता कॉलोनी में स्थित एक मोहल्ला क्लीनिक का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि ये क्लीनिक दिल्ली सरकार का एक फ्लॉप शो साबित हो रहे हैं। न तो यहां दवाइयां हैं, न डॉक्टर और न ही टेस्ट करने के लिए आवश्यक उपकरण मौजूद हैं। यहां तक कि रोग-निवारक स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध नहीं हैं।

क्लीनिक में आए मरीजों ने विपक्ष के नेता को बताया कि ये क्लीनिक केवल दिखावे के लिए हैं और मरीजों को कोई सुविधाएं नहीं मिलतीं। दवाइयों, डॉक्टरों और उपकरणों की कमी के चलते मरीजों को सरकारी अस्पतालों में भेजा जाता है।

गुप्ता ने आरोप लगाया कि हर महीने इन मोहल्ला क्लीनिकों में फर्जी मरीजों की नकली पंजीकरण दिखाए जाते हैं, जिससे लाखों रुपये का गबन किया जा रहा है। इस साल की शुरुआत में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने मोहल्ला क्लीनिकों में भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच की, जिसमें पता चला कि फरवरी से दिसंबर 2023 के बीच इन क्लीनिकों में कुल 22 लाख टेस्ट किए गए। ये टेस्ट एक निजी एजेंसी को आउटसोर्स किए गए थे, जिनमें से 65,000 टेस्ट फर्जी पाए गए। इसका मतलब है कि 65,000 ‘भूतिया मरीज’ पंजीकृत किए गए, जिससे करोड़ों रुपये का गबन हुआ। सुविधाओं के अभाव के कारण कई मोहल्ला क्लीनिक बंद भी हो चुके हैं।

विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि इन क्लीनिकों में नियुक्त डॉक्टरों और स्टाफ को मिलने वाली सैलरी ठेके पर नियुक्त अन्य डॉक्टरों और स्टाफ की तुलना में काफी ज्यादा है। स्वास्थ्य सचिव की ओर से स्वास्थ्य मंत्री को भेजे गए एक नोट में भी इसकी पुष्टि की गई है, जिसमें सुझाव दिया गया कि डॉक्टरों की सैलरी को मरीजों की संख्या पर आधारित करने की बजाय समेकित किया जाए।

गुप्ता ने जोर देकर कहा कि इन मोहल्ला क्लीनिकों में न तो मरीजों को रोग-निवारक सलाह दी जाती है और न ही टीकाकरण, प्रसव पूर्व और बाद की जांच, टीबी, कुष्ठ रोग, हेपेटाइटिस, अंधापन, कुपोषण आदि से संबंधित जानकारी दी जाती है।

विजेंद्र गुप्ता ने दिल्ली सरकार को चेतावनी दी कि जनता अब इन मोहल्ला क्लीनिकों के फर्जी दावों और करोड़ों के भ्रष्टाचार से अवगत हो चुकी है और जल्द ही आप सरकार को सत्ता से बाहर करने के लिए तैयार है।

  • Leema

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