भारत की प्राचीन पहचान केवल आध्यात्मिक ही नहीं, बल्कि ज्ञान, विज्ञान और चिकित्सा के क्षेत्र में भी विश्व को दिशा देने वाली रही है। आज उसी परंपरा को आधुनिक युग में आगे बढ़ाने वाले कुछ चुनिंदा नामों में से एक हैं डॉ. नीरज जैन, जो रीजनरेटिव मेडिसिन, स्पाइन और पेन मैनेजमेंट के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
वैश्विक मंच पर भारत की आवाज
हाल ही में WIRM World Congress 2026, San Francisco में आयोजित विश्व स्तरीय सम्मेलन में डॉ. जैन ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए “Enhancing Minimally Invasive Surgery with Orthobiologics” विषय पर व्याख्यान दिया। यह न केवल उनके व्यक्तिगत योगदान का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि भारत चिकित्सा नवाचार में अग्रणी बन रहा है।
उन्होंने “Regenerative Medicine Around the Globe” जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अंतरराष्ट्रीय पैनलिस्ट के रूप में भाग लेकर वैश्विक चिकित्सा समुदाय को भारतीय दृष्टिकोण से अवगत कराया। साथ ही, WIRM-India Chapter के चेयर के रूप में उनकी नेतृत्व क्षमता भी विश्व पटल पर उजागर हुई।
चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान
Yashoda Medicity से जुड़े डॉ. नीरज जैन एक अनुभवी स्पाइन, रीजनरेटिव और पेन विशेषज्ञ हैं।
उन्होंने अब तक 40,000 से अधिक मरीजों का सफल उपचार किया है और एंडोस्कोपिक डिस्केक्टॉमी, वर्टेब्रोप्लास्टी तथा अल्ट्रासाउंड गाइडेड पेन इंटरवेंशन जैसी अत्याधुनिक तकनीकों में महारत हासिल की है।
उनकी विकसित तकनीकें जैसे NJ Balloon Epiduro-Neuroplasty और NJ Disc-Meshplasty चिकित्सा विज्ञान में नवाचार का उदाहरण हैं, जो भारत को चिकित्सा अनुसंधान में आत्मनिर्भर बना रही हैं।
शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार का संगम
डॉ. जैन केवल एक चिकित्सक ही नहीं, बल्कि एक शिक्षक और शोधकर्ता भी हैं।
240+ अंतरराष्ट्रीय प्रस्तुतियाँ
अनेक शोध प्रकाशन
अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में संपादकीय भूमिका
विश्व स्तरीय संस्थानों जैसे Cleveland Clinic, Johns Hopkins से प्रशिक्षण
उनका यह बहुआयामी योगदान भारत को मेडिकल एजुकेशन और रिसर्च में अग्रणी बना रहा है।
‘विश्व गुरु’ बनने की दिशा में भारत
भारत को “विश्व गुरु” बनाने का अर्थ केवल आर्थिक या तकनीकी प्रगति नहीं, बल्कि ज्ञान और नवाचार के माध्यम से विश्व का मार्गदर्शन करना है।
डॉ. नीरज जैन जैसे विशेषज्ञ जब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की उपस्थिति दर्ज कराते हैं, नई तकनीकों का विकास करते हैं और वैश्विक चिकित्सा समुदाय को दिशा देते हैं—तभी यह सपना साकार होता है।
डॉ. नीरज जैन का कार्य यह सिद्ध करता है कि भारत चिकित्सा के क्षेत्र में न केवल आत्मनिर्भर बन रहा है, बल्कि विश्व को नेतृत्व देने की क्षमता भी रखता है।
उनके प्रयास भारत को पुनः “विश्व गुरु” बनाने की दिशा में एक मजबूत और प्रेरणादायक कदम हैं।
ऐसे विशेषज्ञों की सफलता पूरे देश के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत है।
राजीव निशाना
वरिष्ठ पत्रकार
समाचार वार्ता





