साइबर थाना द्वारका ने 1.34 करोड़ कैश समेत हाई-प्रोफाइल एडमिशन फ्रॉड गैंग का किया भंडाफोड़

नई दिल्ली। द्वारका जिले के साइबर पुलिस थाना ने एक बड़े एडमिशन फ्रॉड सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह दिल्ली-एनसीआर में प्रतिष्ठित कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में मैनेजमेंट कोटा के नाम पर एडमिशन दिलाने का झांसा देकर लोगों से मोटी रकम ऐंठ रहा था। पुलिस ने आरोपियों के पास से 1 करोड़ 34 लाख 66 हजार रुपये नकद, छह हाई-एंड मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद किया है।

मामले की शुरुआत तब हुई जब शिकायतकर्ता मुकेश, जो कि दिल्ली पुलिस में हेड कांस्टेबल हैं, को एक एसएमएस मिला जिसमें उनके बेटे का एडमिशन आईपी यूनिवर्सिटी में मैनेजमेंट कोटा के तहत कराने का प्रस्ताव था। संपर्क करने पर उन्हें नेहरू प्लेस स्थित एक ऑफिस बुलाया गया, जहां बातचीत के बाद सुरजमल कॉलेज में एडमिशन दिलाने के नाम पर 3.5 लाख रुपये की मांग की गई। शिकायतकर्ता ने 29 जुलाई को 2.3 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया, लेकिन उसके बाद आरोपी मोबाइल बंद कर फरार हो गए और ऑफिस भी खाली कर दिया।

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह 12वीं पास छात्रों के अभिभावकों को बुल्क एसएमएस भेजकर जाल में फंसाता था। विश्वास जीतने के बाद भारी रकम वसूलता और फिर ऑफिस बंद कर फरार हो जाता था। जांच में यह भी पता चला कि इस गैंग के खिलाफ पहले से ही 31 शिकायतें दर्ज थीं, जो बाद में ईओडब्ल्यू को ट्रांसफर की गई थीं।

साइबर थाना द्वारका की टीम ने तकनीकी निगरानी, डिजिटल फुटप्रिंट एनालिसिस और आईपी ट्रेसिंग के जरिए आरोपियों को गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके में ट्रैक किया और दोनों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुशाग्र श्रीवास्तव (35) और चिन्मय सिन्हा (32) के रूप में हुई है, जो इंदिरापुरम के ही रहने वाले हैं।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस गैंग का नेटवर्क काफी बड़ा है और इसकी गहन जांच की जा रही है। साथ ही आयकर विभाग को भी भारी कैश बरामदगी की सूचना दी गई है ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके।

द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त अंकित सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई साइबर पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और तकनीकी दक्षता का नतीजा है। उन्होंने कहा कि ऐसे संगठित साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी

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