एनकाउंटर के बाद दो शार्प शूटर गिरफ्तार, रोहतक हत्याकांड से था सीधा नाता

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने शनिवार तड़के नरेला इलाके में एक जबरदस्त ऑपरेशन के दौरान दो कुख्यात अपराधियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। ये दोनों आरोपी हरियाणा के चर्चित गैंगस्टर हिमांशु भाऊ के गिरोह से जुड़े हुए हैं और जून 2025 में रोहतक के रिठौली गांव में हुए सनसनीखेज हत्याकांड में वांछित थे।

स्पेशल सेल की नॉर्दर्न रेंज की टीम को सूचना मिली थी कि हिमांशु भाऊ गैंग के दो सदस्य नरेला इलाके में हथियारों के साथ आने वाले हैं। इस इनपुट पर पुलिस ने शुक्रवार रात जाल बिछाया और शनिवार तड़के बाइक पर सवार दो संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया। पुलिस को देखते ही दोनों आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, जिसमें दोनों आरोपी पैरों में गोली लगने से घायल हो गए। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 21 वर्षीय भुमित मलिक, निवासी मोंखरा, रोहतक और 24 वर्षीय मोहित वशिष्ठ, निवासी मरोड़ी, रोहतक के रूप में हुई है। दोनों के कब्जे से दो देसी पिस्तौल, चार जिंदा कारतूस और एक चोरी की बाइक बरामद की गई है, जो मार्च 2025 में दिल्ली के सुभाष नगर से चोरी हुई थी।

जांच में खुलासा हुआ है कि रिठौली हत्याकांड एक बदले की भावना से जुड़ा हुआ था। वर्ष 2022 में हिमांशु भाऊ के चचेरे भाई रोहित उर्फ बजरंग और उनके चाचा की हत्या अंकित नामक युवक ने की थी। बदले की आग में हिमांशु ने अंकित के रिश्तेदार अनिल को टारगेट बनाने का फैसला किया। भुमित, जो पहले से हिमांशु के संपर्क में था, ने मोहित सहित कुछ अन्य युवकों को साथ मिलाकर 1 जून 2025 को अनिल की हत्या को अंजाम दिया। हत्या के दौरान हिमांशु भाऊ विदेश से लगातार संपर्क में था और हथियार भी उसी ने मुहैया कराए थे।

हत्या के बाद दोनों आरोपी लगातार फरार रहे और हिमाचल प्रदेश, जम्मू, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली समेत कई राज्यों में अपनी लोकेशन बदलते रहे। फिलहाल हरियाणा पुलिस को इस गिरफ्तारी की सूचना दे दी गई है।

भुमित की आपराधिक पृष्ठभूमि काफी लंबी है। वह 10वीं तक पढ़ा है और बाद में खेती में पिता की मदद करता था, लेकिन गलत संगत में पड़कर अपराध की दुनिया में कदम रख दिया। उस पर पहले से ही हत्या, हत्या की कोशिश, आर्म्स एक्ट और डकैती जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। वहीं मोहित ने भी 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी और चोरी, लूट जैसे अपराधों में शामिल हो गया। उसके खिलाफ भी कई केस दर्ज हैं, जिनमें दिल्ली और हरियाणा के थाने शामिल हैं।

स्पेशल सेल की इस कार्रवाई को अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।

  • Leema

    Related Posts

    यमुना ट्रॉफी 2026 में क्रिकेट और संस्कृति का अद्भुत संगम

    नई दिल्ली, 9 मई 2026 – 11वीं यमुना ट्रॉफी 2026 सिर्फ खेल का उत्सव नहीं रही, बल्कि भारतीय संस्कृति की जीवंतता का भी बेहतरीन प्रदर्शन साबित हुई। टूर्नामेंट के दौरान हर…

    Doctors XI ने रोमांचक फाइनल में MOCA XI को हराकर जीती 11वीं यमुना ट्रॉफी 2026”

    नई दिल्ली, 9 मई 2026 – Doctors XI ने 11वीं यमुना ट्रॉफी 2026 के रोमांचक फाइनल में Ministry of Civil Aviation XI (MOCA XI) को हराकर खिताब अपने नाम कर…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    यमुना ट्रॉफी 2026 में क्रिकेट और संस्कृति का अद्भुत संगम

    यमुना ट्रॉफी 2026 में क्रिकेट और संस्कृति का अद्भुत संगम

    Doctors XI ने रोमांचक फाइनल में MOCA XI को हराकर जीती 11वीं यमुना ट्रॉफी 2026”

    Doctors XI ने रोमांचक फाइनल में MOCA XI को हराकर जीती 11वीं यमुना ट्रॉफी 2026”

    11वीं यमुना ट्रॉफी 2026 संपन्न, पर्यावरण संरक्षण का संदेश फैलाया गया

    11वीं यमुना ट्रॉफी 2026 संपन्न, पर्यावरण संरक्षण का संदेश फैलाया गया

    मंडावली में वारदात से पहले दबोचा गया बदमाश, देसी कट्टा और कारतूस बरामद

    मंडावली में वारदात से पहले दबोचा गया बदमाश, देसी कट्टा और कारतूस बरामद

    गैस बिल अपडेट के नाम पर ठगी: शाहदरा साइबर पुलिस ने दो साइबर जालसाज दबोचे

    गैस बिल अपडेट के नाम पर ठगी: शाहदरा साइबर पुलिस ने दो साइबर जालसाज दबोचे

    पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान करने में शैक्षणिक संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका: प्रो. मेहराज उद्दीन मीर, कुलपति

    पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान करने में शैक्षणिक संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका: प्रो. मेहराज उद्दीन मीर, कुलपति