कराची से दिल्ली, फिर हरिद्वार तक—400 अस्थि कलशों का भव्य विसर्जन यात्रा

नई दिल्ली। श्री देवोत्थान सेवा समिति (पंजी.) ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाए रखते हुए एक पुण्य कार्य को अंजाम दिया। कराची के प्रसिद्ध श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर में पिछले 9 वर्षों से रखे 400 अस्थि कलशों को भारत लाकर उनके मोक्ष का मार्ग प्रशस्त किया गया।


महंत श्री रामनाथ मिश्रा जी महाराज ने समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल नरेंद्र के निर्देशानुसार, राष्ट्रीय महामंत्री विजय शर्मा और संगठन मंत्री दीपक गुप्ता को अट्टारी बॉर्डर पर अस्थि कलश सौंपे। इसके बाद, बड़ी पंचायत वैश्य बीसे अग्रवाल सभा के संजय सिंघल और सुमन कुमार गुप्ता के निर्देशन में विशाल मिश्रा व उनकी टीम ने इन्हें एंबुलेंस के जरिए दिल्ली के निगम बोध घाट, यमुना बाजार में ससम्मान स्थापित किया।

श्री देवोत्थान सेवा समिति (पंजी.) और पुण्यदाई अभियान सेवा समिति ट्रस्ट के संयुक्त प्रयास से 24वीं स्पेशल ‘अस्थि कलश विसर्जन यात्रा’ का आयोजन किया जा रहा है। यह यात्रा 21 फरवरी 2025 (शुक्रवार) सुबह 9 बजे शहीदी पार्क, आईटीओ, नई दिल्ली से हरिद्वार के लिए रवाना होगी।

22 फरवरी 2025 (शनिवार) को दोपहर 1 बजे, श्री देवोत्थान सेवा समिति (पंजी.) और पुण्यदाई अभियान सेवा समिति ट्रस्ट के प्रमुख रवींद्र गोयल व अवनीश गोयल के नेतृत्व में मां गंगा की पावन धारा में इन अस्थि कलशों का मोक्ष प्रदान किया जाएगा। इस दौरान 100 किलो दूध की धारा के साथ गंगा माता का अभिषेक कर पुण्य कार्य संपन्न किया जाएगा।

यह यात्रा धार्मिक आस्था और सेवा भाव का प्रतीक बनेगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और समाजसेवी भाग लेंगे। इस ऐतिहासिक पहल के माध्यम से उन दिवंगत आत्माओं को मोक्ष दिलाने की परंपरा निभाई जाएगी, जो वर्षों से अंतिम संस्कार की प्रतीक्षा में थीं।

  • Leema

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