दिल्ली बुक फेयर 2025 का आगाज़, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा—‘भारतीय पुस्तकें बना सकती हैं भारत को विश्वगुरु’

नई दिल्ली, 6 अगस्त 2025।
भारतीय पुस्तकें और प्राचीन साहित्य भारत को ‘विश्वगुरु’ बनाने की अपार क्षमता रखते हैं। किताबें हमारे जीवन की सच्ची मित्र होती हैं और दिल्ली सरकार प्रकाशन उद्योग को हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है। यह बात दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने आज दिल्ली बुक फेयर 2025 का उद्घाटन करते हुए कही। यह पुस्तक मेला 6 से 10 अगस्त तक भारत मंडपम, हॉल नंबर 12 और 12ए में आयोजित हो रहा है।

उद्घाटन समारोह में कला, संस्कृति और भाषा मंत्री श्री कपिल मिश्रा, आईटीपीओ के सीएमडी श्री प्रदीप सिंह खरौला, एफआईपी के अध्यक्ष श्री नवीन गुप्ता, आईटीपीओ के कार्यकारी निदेशक श्री प्रेमजीत लाल, ओएसडी लेफ्टिनेंट कर्नल हर्ष कोंडिल्या समेत वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, प्रकाशक, प्रतिनिधि और मीडिया के लोग उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने डिजिटल युग में भी भौतिक पुस्तकों के महत्व पर जोर देते हुए आईटीपीओ और फेडरेशन ऑफ इंडियन पब्लिशर्स (एफआईपी) को 29वें दिल्ली बुक फेयर और इसके साथ आयोजित स्टेशनरी फेयर, ऑफिस ऑटोमेशन एवं कॉर्पोरेट गिफ्ट फेयर के आयोजन के लिए बधाई दी। उद्घाटन के बाद उन्होंने विभिन्न स्टॉलों का भ्रमण किया और पुस्तकों की विविधता में गहरी रुचि दिखाई।

श्री कपिल मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि दिल्ली सरकार सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध करने और साहित्य जगत के विकास के लिए नए अवसर खोलने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि युवाओं में पढ़ने की आदत विकसित करने और देश की साक्षरता को बढ़ावा देने में पुस्तक मेले की अहम भूमिका है।

आईटीपीओ के कार्यकारी निदेशक श्री प्रेमजीत लाल ने मेले और इसके सह-आयोजनों की विशेषताओं पर प्रकाश डाला, जबकि एफआईपी के अध्यक्ष श्री नवीन गुप्ता ने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में पुस्तक मेला और अधिक सहभागिता और सफलता के साथ आयोजित होगा।

पुस्तक मेले में देश-विदेश के प्रकाशक, वितरक, पत्र-पत्रिकाओं के विक्रेता, शैक्षिक सामग्री निर्माता, सॉफ्टवेयर प्रदाता और कॉर्पोरेट कंपनियां शामिल हो रही हैं। वहीं, आगंतुकों में प्रकाशक, पुस्तकालयाध्यक्ष, शोधकर्ता, लेखक, विद्यार्थी और आम जनता शामिल रहेंगे। मेले के दौरान सम्मेलन, सेमिनार, कार्यशालाएं, पुस्तक विमोचन, लेखकों से मुलाकात, चित्रकला प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।

आयोजकों ने प्रतिभागियों और आगंतुकों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा है। सभी के लिए प्रवेश निशुल्क है और मेला प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक खुला रहेगा।

  • Leema

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