नवाचार करने वालों को मिलेगी हर सुविधा : प्रोफेसर दिनेश कुमार कुलपति

( श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय पलवल हरियाणा के बीवॉक रोबोटिक्स एंड ऑटोमेशन के विद्यार्थियों ने महज आठ हजार की लागत से तैयार की आधुनिक मशीन । फर्श पर पोंछा लगाना काफी कठिन काम लगता है और अक्सर गृहणियों को इसके लिए दिक्कत भी आती है, लेकिन अब यह काम बेहद आसान हो जाएगा। सोफे या बेड पर बैठे-बैठे आसानी से मोबाइल फोन के इशारे पर पोंछा लग जाएगा। यह मशीन बनाने वाले विद्यार्थी है सागर सिंह, वृंदा शर्मा, भूमिका शर्मा और मोहित । श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर दिनेश कुमार ने यह मशीन बनाने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी, उल्लेखनीय है कि कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर चुके प्रोफेसर दिनेश कुमार प्रख्यात एकैडमिशियन हैं और उन्हें प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के हाथों होमी जहांगीर भाभा मेमोरियल अवॉर्ड प्राप्त करने का गौरव भी हासिल है। यह अवॉर्ड प्राप्त करने वाले वह हरियाणा के प्रथम वैज्ञानिक कुलपति हैं। )

श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के बी. वॉक रोबोटिक्स एंड ऑटोमेशन के विद्यार्थियों ने मोबाइल फोन से ऑपरेट होने वाली यह मशीन तैयार की है।
। उन्होंने कहा कि नवाचार करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही कुलपति प्रोफेसर दिनेश कुमार ने विद्यार्थियों से निरंतर नवाचार करने के लिए प्रेरित किया। यह मशीन बनाने वाले विद्यार्थी सागर सिंह, वृंदा शर्मा, भूमिका शर्मा और मोहित की कुलपति प्रोफेसर दिनेश कुमार ने सराहना की।
महज आठ हजार रुपए की लागत से बनी यह मशीन वैक्यूम क्लीनर के जरिए धूल- मिट्टी को अपने भीतर जमा कर लेती है और पीछे से गीला पोंछा लगाते हुए चलती है। वजन में बहुत हल्की इस मशीन से पानी की भी बचत होती है। यह 800 मिली लीटर पानी से एक कमरे में पोंछा लगा देती है। सागर सिंह ने बताया कि सोफे पर आराम से बैठ कर इसे ऐप के जरिए मोबाइल फोन से चलाया जा सकता है। इस प्रोजेक्ट में शामिल छात्रा वृंदा शर्मा ने बताया कि इस ऑटोमैटिक मॉप एंड वैक्यूम क्लीनर मशीन में तीन इन्फ्रारेड सेंसर, अल्ट्रासोनिक सेंसर, बीएलडीसी मोटर और डीसी मोटर लगाई गई है। यह माइक्रो कंट्रोलर के जरिए काम करती है। भूमिका शर्मा ने बताया कि इसे हम मोबाइल ऐप से भी कंट्रोल कर सकते हैं, नहीं तो 20 सेकंड बाद यह ऑटोमैटिक तरीके से भी चलने लगती है। इस प्रोजेक्ट में शामिल मोहित बताते हैं कि इस मशीन में ब्लूटूथ लगाया गया है। जिससे यह आसानी से मोबाइल फोन से कनेक्ट हो जाती है और बहुत आसानी से ऑपरेट होती है।
इंडस्ट्री 4.0 के चेयरमैन प्रोफेसर कुलवंत सिंह ने विजय गौड़ ब्यूरो चीफ को बताया कि विद्यार्थियों ने बड़ी मेहनत से यह प्रोजेक्ट तैयार किया है। और भी कई प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। शंसबीर डागर और पंकज सोनी की देखरेख में विद्यार्थी ऑटोमेशन के प्रोजेक्ट तैयार कर रहे हैं। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अत्याधुनिक मशीनों से युक्त लैब विद्यार्थियों के नवाचार को समर्पित की हैं।
दिल्ली से विजय गौड़ की विशेष रिपोर्ट

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