दिल्ली सचिवालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री श्री अशीष सूद ने आम आदमी पार्टी के बड़े नेताओं पर महंगे मोबाइल फोन खरीदने को लेकर बड़ा आरोप लगाया। मंत्री ने बताया कि अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, आतिशी मार्लेना और सौरभ भारद्वाज ने सरकारी नियमों को ताक पर रखकर लाखों रुपये के फोन खरीदे, जबकि मुख्यमंत्री के लिए मोबाइल खरीद की सीमा 50 हजार और मंत्रियों के लिए 45 हजार रुपये तय थी।
श्री सूद ने बताया कि केजरीवाल ने 2015 से 2022 के बीच चार महंगे आईफोन लिए, जिनकी कीमत 81 हजार से लेकर 1 लाख 64 हजार तक थी। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में भी केजरीवाल और सिसोदिया ने डेढ़-डेढ़ लाख रुपये के फोन खरीदे, जबकि उस वक्त सरकार को महामारी से लड़ाई में फंड की जरूरत थी।
मंत्री ने आरोप लगाया कि इन नेताओं ने फोन खरीदने के बाद नियमों को दरकिनार कर अधिकारियों पर दबाव डालकर भुगतान भी पास करवाया। आतिशी मार्लेना पर भी उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने नियमों से बचने के लिए बिल को दो हिस्सों में बांटकर भुगतान कराया ताकि नियमों के उल्लंघन का पता न चले। सौरभ भारद्वाज ने भी 61 हजार का आईफोन खरीदा, जबकि उनके खाते में सिर्फ 45 हजार रुपये ही सरकारी फंड से दिए गए।
अशीष सूद ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि ये वही नेता हैं जो खुद को आम आदमी बताते हैं, जो कहते हैं कि उन्होंने बड़े-बड़े पद छोड़ दिए, बच्चों की परवरिश नहीं हो रही, बलिदान दे रहे हैं। लेकिन हकीकत ये है कि करोड़ों की ठगी को इन्होंने ही ‘सरकारी कामकाज’ बना दिया।
मंत्री ने साफ कहा कि विपक्ष अगर व्यक्तिगत आरोप लगाता तो सरकार कुछ नहीं कहती, लेकिन जब दिल्ली सरकार और उसके सिस्टम को बदनाम करने की कोशिश होती है तो सच्चाई सामने लाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता ने ऐसे ‘नटवरलालों’ को पहचान लिया है और अब भ्रष्टाचार पर सवाल जरूर करेगी।







