मातासुंदरी कॉलेज फॉर वुमेन, एनएसएस इकाई द्वारा वार्षिक उत्सव “साहस” सम्पन्न

मातासुंदरी कॉलेज फॉर वुमेन, एनएसएस इकाई द्वारा वार्षिक उत्सव “साहस” उत्सव कॉलेज परिसर में आयोजित किया गया । यह उत्सव उत्सव, आत्मचिंतन, प्रेरणा और सामुदायिक सहभागिता का एक सुंदर संगम था। यह कार्यक्रम एनएसएस की निःस्वार्थ सेवा की भावना में निहित प्रतिभा, प्रेरणा और सामाजिक जागरूकता का जीवंत उत्सव बनकर उभरा। आत्मिक प्रस्तुतियों से लेकर प्रभावशाली चर्चाओं तक, “साहस” के प्रत्येक हिस्से ने परिवर्तन की मूल भावना को दर्शाया। दिन की शुरुआत एक आध्यात्मिक और सुकून भरे कीर्तन से हुई, जिसने पूरे वातावरण को भक्ति और शांति से भर दिया। मधुर स्वर और तालबद्ध भजन ने दिन के कार्यक्रमों के लिए एक शांत और चिंतनशील माहौल तैयार किया, और सभी को सेवा के मार्ग में कृतज्ञता और मनन की महत्ता की याद दिलाई। इसके बाद, दर्शकों को एक शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुति का आनंद प्राप्त हुआ, जिसने अपनी शैली और गरिमा से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। भारतीय संस्कृति और परंपरा में रचा-बसा यह नृत्य भाव-भंगिमा और लयबद्ध गति से कहानियों को जीवंत कर गया। उद्घाटन सत्र की शुरुआत मुख्य अतिथियों – सुश्री स्वाति मालीवाल, प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता एवं दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष, और डॉ. तनु जैन, प्रेरणादायक वक्ता एवं सिविल सेविका, के स्वागत एवं सम्मान के साथ हुई। इन्हें कॉलेज की प्राचार्या प्रो. हरप्रीत कौर और एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. उज़्मा नदीम द्वारा सम्मानित किया गया। दोनों अतिथियों ने अपने प्रेरणादायक एवं विचारोत्तेजक भाषण दिए, जिनमें उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव, पेशेवर यात्राएँ और युवाओं की सामाजिक परिवर्तन में भागीदारी की भूमिका पर गहन विचार साझा किए। उनकी बातों ने श्रोताओं के मन को गहराई से छुआ और छात्रों को निष्ठा व संवेदनशीलता के साथ कार्य करने हेतु प्रेरित किया। कॉलेज की प्राचार्या प्रो. हरप्रीत कौर ने भी मंच पर आकर एनएसएस टीम की कड़ी मेहनत की सराहना की और श्रोताओं को प्रेरणादायक विचारों से संबोधित किया। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों में जिम्मेदार नागरिकता के निर्माण में एनएसएस की भूमिका को रेखांकित किया। डॉ. उज़्मा नदीम, जो परिवर्तन की मार्गदर्शक शक्ति हैं, ने बीते वर्ष की उपलब्धियों को साझा किया, स्वयंसेवकों की प्रतिबद्धता को सराहा और सभी का उत्सव में स्वागत किया। कार्यक्रम की मुख्य झलक रही समकालीन सामाजिक मुद्दों पर एक पैनल चर्चा, जिसमें सुश्री शबनम हाशमी (प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता), कैप्टन सुनैना सिंह (भारतीय सेना की साहसी अधिकारी), श्री रोहताश चौधरी (जमीनी स्तर पर कार्यरत समाजसेवी) और ब्रूना फ्रीस्पिरिट (वैश्विक सामाजिक कार्यकर्ता और मानवाधिकारों की समर्थक) जैसे विशिष्ट वक्ता शामिल हुए। चर्चा से पूर्व सभी पैनलिस्टों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

डॉ. उज़्मा नदीम, कार्यक्रम अधिकारी एनएसएस इकाई ने ब्यूरो चीफ विजय गौड़ को बताया कि इस विचारोत्तेजक चर्चा में साहस, सामाजिक सक्रियता, लैंगिक समानता और युवाओं की राष्ट्र निर्माण में भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों को उठाया गया। वक्ताओं ने अपनी असल जीवन की संघर्षपूर्ण कहानियाँ साझा कीं, जो सभी के लिए अत्यंत प्रेरणास्पद रहीं। दिन में रोमांच जोड़ते हुए कॉलेज परिसर में “ट्रेजर हंट प्रतियोगिता” आयोजित की गई, जिसने छात्रों में उत्साह की लहर दौड़ा दी। जगह-जगह बिखरे सुरागों के ज़रिये प्रतियोगिता ने छात्रों की चतुराई, गति और टीमवर्क की परीक्षा ली। प्रतियोगिता में विजेताओं को प्रशस्ति पत्र और आकर्षक हैम्पर्स प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त, उत्सव से पहले “ऑनलाइन फोटोग्राफी प्रतियोगिता” का आयोजन भी किया गया, जिसमें छात्रों ने साहस, सेवा और आशा को दर्शाने वाली तस्वीरें भेजीं। प्रतियोगिता में मिली प्रविष्टियाँ अत्यंत प्रभावशाली रहीं, और विजेताओं को प्रशस्ति पत्र और हैम्पर्स देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मनोरंजन का रंग भरते हुए मंच पर प्रसिद्ध हास्य कलाकार तुषार बसरा ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को हँसी से लोटपोट कर दिया। उनके सहज, व्यंग्यपूर्ण अंदाज ने सभी को उत्साहित रखा। इसके बाद संगीत प्रस्तुतियों की श्रंखला ने उत्सव को और भी रंगीन बना दिया। बैंड “इको रश” ने लाइव म्यूज़िक से माहौल को जीवंत कर दिया। इसके पश्चात रैपर सर्वज्ञ ने अपने सामाजिक विषयों से जुड़े सशक्त गीतों से मंच पर आग लगा दी। अंत में मोहित और उनकी टीम की ऊर्जा से भरपूर प्रस्तुति ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इसके अलावा, छात्रों को सोशल मीडिया और डिजिटल दुनिया से जोड़ते हुए एक स्पेशल मीट एंड ग्रीट सेशन का आयोजन हुआ, जिसमें प्रभावशाली कंटेंट क्रिएटर्स धीरेज सिंह और मानसी नारंग ने भाग लिया। छात्रों ने उनसे संवाद करके कई नई बातें सीखीं। पूरे कॉलेज परिसर में खेल, स्वादिष्ट भोजन और खरीदारी के स्टॉल्स ने उत्सव को और भी रंगीन बना दिया। स्वादिष्ट व्यंजन, रचनात्मक हस्तशिल्प और मज़ेदार खेलों ने छात्रों, शिक्षकों और मेहमानों के लिए दिन को यादगार बना दिया। “साहस 2025” केवल एक उत्सव नहीं था, बल्कि साहस, समुदाय और बदलाव के प्रति प्रतिबद्धता का उत्सव था। यह आयोजन श्रुतिका खत्तर, बवनीत कौर, सईरात बिन्त-ए-मंज़ूर, प्राची पलक, वंशिका, गीतिका शर्मा, दीर्घी शर्मा और पूरी एनएसएस टीम के परिश्रम और दूरदृष्टि का प्रमाण था।
दिल्ली से ब्यूरो चीफ विजय गौड़ की विशेष रिपोर्ट

  • Leema

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