मुखर्जी नगर गोलीकांड का आरोपी ‘बिड़ी’ आखिर पकड़ा गया: दिल्ली क्राइम ब्रांच ने कश्मीरी गेट से किया गिरफ्तार

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने राजधानी में हुई गोलीकांड की एक बड़ी वारदात को सुलझाते हुए घोषित अपराधी (Proclaimed Offender) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान अभिषेक उर्फ बिड़ी (26 वर्ष), निवासी गांव जगतपुर एक्सटेंशन, वजीराबाद, दिल्ली के रूप में हुई है। वह टिमारपुर थाने में दर्ज हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के मामले में वांछित था और लंबे समय से फरार चल रहा था।

पुलिस के मुताबिक, फरवरी 2025 में गांधी विहार, मुखर्जी नगर इलाके में अभिषेक उर्फ बिड़ी ने अपने साथियों तनीश, पियूष, युवी और जुनैद के साथ मिलकर एक छात्र उज्जवल (एसएससी परीक्षार्थी) पर जानलेवा हमला किया था। हमले के दौरान गोली उज्जवल के सीने में लगी थी और आरोपी वारदात के बाद मौके से फरार हो गए थे।

इस मामले में आरोपी लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहा था। वह बार-बार ठिकाना बदलकर गिरफ्तारी से बचता रहा। हालांकि, क्राइम ब्रांच की WR-II टीम ने मैनुअल और तकनीकी निगरानी के जरिए आरोपी की गतिविधियों पर नज़र रखी। एसआई कुलदीप को सूचना मिली कि अभिषेक उर्फ बिड़ी अपने एक साथी से मिलने कश्मीरी गेट स्थित यमुना ब्रिज के पास आएगा।

सूचना की पुष्टि के बाद, इंस्पेक्टर गौतम मलिक के नेतृत्व में एसआई कुलदीप, एसआई रवि, एचसी पवन और एचसी राजेश की टीम ने एसीपी राजपाल दबास और डीसीपी हर्ष इंदोरा (IPS) के पर्यवेक्षण में घेराबंदी की। मौके पर पहुंची टीम ने जैसे ही संदिग्ध को देखा, उसे रुकने का इशारा किया। पुलिस को देखकर आरोपी भागने लगा, लेकिन एसआई कुलदीप और एचसी पवन यादव ने पीछा कर उसे दबोच लिया।

गिरफ्तारी के बाद जब पूछताछ की गई तो आरोपी ने अपना नाम अभिषेक उर्फ बिड़ी बताया। अदालत द्वारा 16 सितंबर 2025 को उसे घोषित अपराधी घोषित किया गया था। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह 11वीं कक्षा तक पढ़ा हुआ है और कम उम्र में ही असामाजिक तत्वों के संपर्क में आ गया था। धीरे-धीरे उसने अपराध को ही अपना पेशा बना लिया।

अभिषेक ने बताया कि निजी रंजिश के चलते उसने अपने साथियों के साथ मिलकर उज्जवल पर गोली चलाई थी। यह वारदात 18 फरवरी 2025 को हुई थी। पुलिस ने बताया कि आरोपी पर पहले भी गैरकानूनी हथियार रखने और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं।

डीसीपी हर्ष इंदोरा ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी क्राइम ब्रांच की सूझबूझ और समन्वित कार्रवाई का परिणाम है। इससे न केवल एक पुराने केस का खुलासा हुआ है, बल्कि इलाके में अपराधियों के बीच पुलिस का खौफ भी बढ़ा है। फिलहाल आरोपी से आगे की पूछताछ जारी है और उसके सहयोगियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।

  • Leema

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