हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने लोहड़ी और मकर संक्रांति पर दी शुभकामनाएं

चंडीगढ़, 13 जनवरी: हरियाणा के राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय ने सोमवार को लोहड़ी और मकर संक्रांति के पावन अवसर पर देश और राज्यवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सभी के अच्छे स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि की कामना की।

राज्यपाल ने कहा कि त्योहार हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा हैं, जो समाज को एकजुट रखने और उत्साह का संचार करने का काम करते हैं। मकर संक्रांति न केवल हरियाणा बल्कि तेलुगु समुदाय सहित पूरे देश में हर्षोल्लास से मनाया जाने वाला महत्वपूर्ण त्योहार है। तिल और गुड़ का प्रयोग इस दिन प्रेम और मिठास का प्रतीक है।

उन्होंने मकर संक्रांति का महत्व बताते हुए कहा कि यह त्योहार प्रकृति में परिवर्तन का प्रतीक है। इस दिन सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण की ओर प्रस्थान करता है, जो अंधकार को हटाकर प्रकाश और उष्मा लाने का संदेश देता है। यह समय उन्नति और प्रगति का द्योतक है।

हरियाणा में मकर संक्रांति को ‘संक्रांति’ के रूप में विशेष श्रद्धा और उत्साह से मनाया जाता है। इस दिन बेटियों का सम्मान और बुजुर्गों से आशीर्वाद लेने की परंपरा है। लोग अपने बुजुर्गों को शॉल और कंबल भेंट कर सम्मान व्यक्त करते हैं।

राज्यपाल ने कहा कि त्योहार हमारे जीवन में रंग, उत्साह और सामाजिक समरसता जोड़ते हैं। वे हमें न केवल आनंदित करते हैं बल्कि दिलों से वैमनस्यता को मिटाकर एकता का संदेश देते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मकर संक्रांति को तमिलनाडु में पोंगल, गुजरात में उत्तरायण और असम व पूर्वोत्तर में बिहू के रूप में मनाया जाता है, जो भारत की ‘विविधता में एकता’ को दर्शाता है।

श्री दत्तात्रेय ने प्रार्थना की कि लोहड़ी की पवित्र अग्नि समाज से सभी कष्टों को दूर करे, मकर संक्रांति की पतंगें खुशियों से आसमान को भर दें, और पोंगल की मिठास सभी के जीवन में सुख और आनंद के पल लेकर आए।

उन्होंने भारतीय त्योहारों को देश की समृद्ध सभ्यता और संस्कृति का प्रतीक बताते हुए सभी से पारंपरिक त्योहारों को पूरे जोश और श्रद्धा के साथ मनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से हमारी सांस्कृतिक विरासत और समृद्ध होगी।

  • Leema

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