दिल्ली सरकार के सामाजिक कल्याण मंत्री रविन्द्र इंद्राज सिंह ने चंडीगढ़ में आयोजित तीन दिवसीय ‘चिंतन शिविर’ में हिस्सा लेते हुए सामाजिक न्याय और कल्याण से जुड़े कई अहम मुद्दों पर गहन मंथन किया। इस दौरान शिक्षा, छात्रवृत्ति, नशा मुक्ति, सफाई कर्मियों की गरिमा, बुजुर्गों की देखभाल और दिव्यांग बच्चों के लिए शुरुआती हस्तक्षेप जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार सफाई कर्मियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने, उनकी कार्यस्थल सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें सम्मानजनक जीवन देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा जताया कि इस चिंतन शिविर में साझा किए गए अनुभव और सुझाव दिल्ली की नीतियों को और प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
इस दौरान तकनीक आधारित पहल पर भी विशेष जोर दिया गया। ‘स्माइल-भिक्षावृत्ति सर्वे मोबाइल एप’ के जरिए भिक्षावृत्ति से जुड़े लोगों के सर्वे, पुनर्वास और निगरानी को डिजिटल रूप से मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया गया है। मंत्री ने संकेत दिया कि ऐसी तकनीकी पहलें दिल्ली में भी लागू की जाएंगी, जिससे शेल्टर होम, पुनर्वास केंद्र और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में पारदर्शिता और प्रभावशीलता बढ़ेगी।
उन्होंने बताया कि भिक्षावृत्ति और शेल्टर होम के लिए तैयार मॉडल गाइडलाइंस के तहत स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण, कौशल विकास और कानूनी सहायता जैसे क्षेत्रों में व्यापक सुधार किए जाएंगे, ताकि जरूरतमंदों को सम्मानजनक जीवन मिल सके।
मंत्री ने कहा कि इन सभी सुझावों को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिससे योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और ‘अंत्योदय’ का लक्ष्य साकार हो सके। यह चिंतन शिविर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच समन्वय बढ़ाने और सामाजिक न्याय की योजनाओं को और मजबूत करने का अहम मंच बनकर उभर रहा है।





