सनातन गुरु और ऑर्गेनिक एप्पल फेस्टिवल” में साध्वी प्राची का ललकार भरा संदेश: “बटोगे तो कटोगे”

नई दिल्ली: तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित “सनातन गुरु और ऑर्गेनिक एप्पल फेस्टिवल” में साध्वी प्राची ने अपने विवादास्पद भाषणों और हिंदू हित की प्रखर वक्ता के रूप में एक बार फिर जोरदार ललकार भरे स्वर में हिन्दू समुदाय को जागरूक किया। साध्वी प्राची ने अपने संबोधन में चेतावनी दी, “बटोगे तो कटोगे,” और इस दौरान उपस्थित सभी मेहमानों और अतिथियों ने करतल ध्वनि से उनके इस संबोधन का स्वागत किया।

साध्वी प्राची ने कहा, “राजनेता अब नीचता की राजनीति पर उतर आए हैं और हिंदुओं को आपस में बांट कर कमजोर करने में लगे हैं, जिससे आज जो अल्पसंख्यक हैं, वे कल बहुसंख्यक हो जाएं।” उन्होंने हिन्दू समुदाय को एकजुट रहने का आह्वान किया और कहा कि हमें अपनी युवा पीढ़ी को फास्ट फूड से बचाकर ऑर्गेनिक फूड की ओर ले जाना चाहिए। उन्होंने डॉक्टर बसंत गोयल के ऑर्गेनिक मूवमेंट की जमकर तारीफ की और कहा, “बसंत गोयल को मेरा साधुवाद और आशीर्वाद कि हर कदम पर उन्हें सफलता मिले।”

“सनातन गुरु और ऑर्गेनिक एप्पल फेस्टिवल” के आयोजक और विश्व विख्यात लेखक व ऑर्गेनिक क्रांति के जनक डॉ. बसंत गोयल ने धर्म गुरुओं का स्वागत किया और उनकी चरण वंदना के बाद अपने वक्तव्य में कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य भारतीय सांस्कृतिक और विरासत से युवा पीढ़ी को अवगत कराना और आम आदमी की औसत आयु को बढ़ाना है। गोयल ने कहा, “प्राचीनकाल से हमारे ऋषि मुनि हिमालय की चोटियों और घने जंगलों के बीच कंद मूल खाते थे। प्रभु श्री राम जब 14 साल के लिए वनवास गए, तो उन्होंने भी वहां मिलने वाले फल आदि का सेवन किया।”

डॉ. बसंत गोयल ने यह भी कहा कि आजकल बाजारों में मिलने वाले ऑर्गेनिक प्रोडक्ट की पहचान स्टीकर से नहीं बल्कि स्वाद से की जानी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि युवा पीढ़ी जहरीले फास्ट फूड की ओर बढ़ रही है, जिससे हार्ट अटैक जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं। उन्होंने ऑर्गेनिक फूड अपनाने और चिरायु बनने की सलाह दी।

इस महा आयोजन में अनेक प्रमुख साधु संतों ने भी भाग लिया, जिनमें विशेष रूप से आचार्य महामंडलेश्वर दूधेश्वर नाथ पीठाधीश्वर, बंगला मुक्ति पीठाधीश्वर श्री आशुतोष बगलामुखी आदि प्रमुख थे। इस महा आयोजन को सफल बनाने में समिति से जुड़े अतुल मुदगिल और कुलदीप सिंह का विशेष सहयोग रहा।

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