77वें समागम की सेवाओं का विधिवत शुभारंभ

सेवा को भेदभाव की दृष्टि से न देखकर निष्काम भाव से करे
-सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज

समालखा, 6 अक्टूबर, 2024:- इस संसार में अनेक प्रकार के लोग रहते हैं जिनकी अलग-अलग भाषा, वेश-भूषा, खान-पान, जाति, धर्म और संस्कृति आदि हैं। पर इतनी विभिन्नताओं के रहते भी, हम सब में एक बात सामान्य है कि हम सब इंसान हैं। कैसा भी हमारा रंग हो, वेश हो, देश हो या खान-पान, सबकी रगों में एक सा रक्त बहता है और सब एक जैसी सांस लेते हैं। हम सब परमात्मा की संतान हैं। इसी भाव को अनेक संतों ने अलग-अलग समय और स्थानों पर अपनी भाषा और शैली में ‘समस्त संसार, एक परिवार’ के सन्देश के रूप में व्यक्त किया। पिछले लगभग 95 वर्षों से संत निरंकारी मिशन भी इसी सन्देश को न केवल प्रेषित कर रहा है, बल्कि अनेक सत्संग और समागम का नियमित रूप से आयोजित कर, इस सन्देश का जीवंत उदाहरण भी पेश कर रहा है। मिशन के लाखों भक्त इस वर्ष भी 16, 17 और 18 नवंबर 2024 को संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल, समालखा, हरियाणा में होने वाले 77वें वार्षिक निरंकारी संत समागम में पहुँचकर मानवता के महाकुम्भ का एक बार फिर से नज़ारा सजाने जा रहे हैं। देश-विदेश से आने वाले ये भक्त जहाँ सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज और सत्कारयोग निरंकारी राजपिता रमित जी के पावन दर्शन करके स्वयं को कृतार्थ अनुभव करेंगे, वहीं मिलजुलकर संत-समागम की शिक्षाओं से अपने मन को उज्जवल बनाने का प्रयास भी करेंगे।

इस संत समागम की भूमि को समागम के लिए तैयार करने की सेवा का शुभारम्भ आज इस बार 6 अक्टूबर को हर वर्ष की भांति सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज और निरंकारी राजपिता जी के कर-कमलों द्वारा किया गया। इस अवसर पर मिशन की कार्यकारिणी के सभी सदस्य, केंद्रीय सेवादल के अधिकारी और सत्संग के अन्य हज़ारों अनुयायी मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि 600 एकड़ में फैले इस विशाल समागम स्थल पर लाखों संतों के रहने, खाने-पीने, स्वास्थ्य और आने-जाने के साथ-साथ अन्य कई प्रकार की व्यवस्थाएं की जाती है, जिसके लिए पूरा महीना अनेक स्थानों से आकर भक्त निष्काम भाव से सेवारत्त रहते हैं। इस पावन संत समागम में हर वर्ग के संत एवं सेवादार महात्मा अपने प्रियजनों संग सम्मिलित होकर एकत्व के इस दिव्य रूप का आनंद प्राप्त करेंगे। इस वर्ष के समागम का विषय है -विस्तार, असीम की ओर।

समागम सेवा के शुभ अवसर पर विशाल सत्संग को संबोधित करते हुए सतगुरु माता जी ने फ़रमाया कि सेवा करते समय सेवा को भेदभाव की दृष्टि से नहीं देखना चाहिए अपितु सदैव निरिच्छत, निष्काम भाव से ही की जानी चाहिए। सेवा तभी वरदान साबित होती है जब उसमें कोई किंतु, परंतु नहीं होता, उसकी कोई समय सीमा नहीं होनी चाहिए कि समागम के दौरान तथा समागम के समाप्त होने तक ही सेवा करनी है, बल्कि अगले समागम तक भी सेवा का यही जज्बा बरकरार रहना चाहिए। यह तो निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। सेवा सदैव सेवा भाव से युक्त होकर ही करनी चाहिए फिर चाहे हम शारीरिक रूप से अक्षम हो या असमर्थ हो सेवा परवान होती है क्योंकि वह सेवा भावना से युक्त होती है।

निरंकारी संत समागम, जिसकी प्रतीक्षा हर भक्त वर्ष भर करते हैं एक ऐसा दिव्य उत्सव है जहाँ मानवता, असीम प्रेम, असीम करुणा, असीम विश्वास और असीम समर्पण के भाव को असीम परमात्मा के ज्ञान का आधार देते हुए सुशोभित करती है। मानवता के इस उत्सव में हर धर्म-प्रेमी का स्वागत है।

  • Leema

    Related Posts

    ठहाकों का बेताज बादशाह: राजीव मल्होत्रा — जिनके मंच पर आते ही गूंज उठती है हँसी की दुनिया

    जब भी मंच पर ऐसा कलाकार आता है, जिसकी उपस्थिति मात्र से दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान आ जाए, तो समझ लीजिए कि वह केवल कलाकार नहीं, बल्कि लोगों के…

    गौ सम्मान आह्वान अभियान का तीसरा चरण घोषित, 51 करोड़ हस्ताक्षर प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का लक्ष्य

    नई दिल्ली। देशभर में संचालित गौ सम्मान आह्वान अभियान के तीसरे चरण की औपचारिक घोषणा दिल्ली के पीतमपुरा में आयोजित तीन दिवसीय समीक्षा एवं मार्गदर्शन बैठक में की गई। अभियान…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    ठहाकों का बेताज बादशाह: राजीव मल्होत्रा — जिनके मंच पर आते ही गूंज उठती है हँसी की दुनिया

    ठहाकों का बेताज बादशाह: राजीव मल्होत्रा — जिनके मंच पर आते ही गूंज उठती है हँसी की दुनिया

    गौ सम्मान आह्वान अभियान का तीसरा चरण घोषित, 51 करोड़ हस्ताक्षर प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का लक्ष्य

    गौ सम्मान आह्वान अभियान का तीसरा चरण घोषित, 51 करोड़ हस्ताक्षर प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का लक्ष्य

    दोहरे हत्याकांड का वांछित आरोपी क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ा, नौ आपराधिक मामलों में रहा है शामिल

    दोहरे हत्याकांड का वांछित आरोपी क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ा, नौ आपराधिक मामलों में रहा है शामिल

    एनडीएमसी के 30 विभागों के 100 से अधिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सुविधा शिविर के शिकायत निवारण अभियान में भाग लिया

    एनडीएमसी के 30 विभागों के 100 से अधिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सुविधा शिविर के शिकायत निवारण अभियान में भाग लिया

    आजादी के 79 वर्ष पूर्ण होने पर एनसीसी ने निकाली साइक्लोथॉन-2026, फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

    आजादी के 79 वर्ष पूर्ण होने पर एनसीसी ने निकाली साइक्लोथॉन-2026, फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

    साहित्य समाज और प्रशासन के बीच विश्वास का सेतु है : आलोक श्रीवास्तव ‘अविरल’

    साहित्य समाज और प्रशासन के बीच विश्वास का सेतु है : आलोक श्रीवास्तव ‘अविरल’