दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत का सपना केवल डिग्रियों से नहीं, बल्कि मजबूत चरित्र और मूल्यों से साकार होगा। वह P.G.D.A.V. College के वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे थे, जहां उन्होंने छात्रों को भविष्य की जिम्मेदारी संभालने के लिए प्रेरित किया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि जब भारत आजादी के 100 साल पूरे करेगा, तब देश की बागडोर आज के युवाओं के हाथ में होगी। ऐसे में शिक्षा के साथ-साथ चरित्र निर्माण बेहद जरूरी है, क्योंकि शिक्षा रास्ता दिखाती है, लेकिन उस पर टिके रहने की ताकत चरित्र देता है।
उन्होंने कॉलेज को दयानन्द सरस्वती की विचारधारा का प्रतीक बताते हुए कहा कि आधुनिकता और परंपरा का संतुलन ही देश को आगे ले जाएगा। साथ ही स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि असली शिक्षा वही है जो इंसान के भीतर छिपी क्षमता को बाहर लाए।
भारत की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश ने चांद के दक्षिणी ध्रुव तक पहुंचकर और UPI के जरिए डिजिटल क्रांति में दुनिया का नेतृत्व कर अपनी क्षमता साबित की है। लेकिन आने वाले समय में देश को आगे बढ़ाने के लिए चरित्र, ईमानदारी और अनुशासन सबसे अहम होंगे।
उन्होंने छात्रों को बड़े सपने देखने के साथ-साथ अपनी जड़ों से जुड़े रहने की सलाह दी और कहा कि असफलता से नहीं, बल्कि बेईमानी से डरना चाहिए। कार्यक्रम में मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया, जहां स्पीकर ने उनकी मेहनत और शिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।





