“तू बिहार का है?” पूछकर हेड कांस्टेबल ने दागी गोली; पांडव की मौत ने प्रवासी सुरक्षा पर खड़े किए गंभीर सवाल
पूरी दुनिया का एकमात्र राज्य जहां डूबते सूरज को भी करते हैं सलाम
बिहार की वह पावन माटी जिसने दुनिया को बुद्ध का ज्ञान दिया, चाणक्य की नीति दी और लोकतंत्र का पहला पाठ पढ़ाया; आज उसी माटी के लाल दूसरे राज्यों में अपनी मेहनत और पसीने की कीमत जान देकर चुका रहे हैं। देश की राजधानी दिल्ली से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है, जिसने न केवल कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ा दी हैं, बल्कि क्षेत्रीय पहचान के नाम पर पनपती नफरत के कुरूप चेहरे को भी बेनकाब कर दिया है।
“तू बिहार का है?”… और चल गई गोली
दिल्ली के जाफरपुर कलां इलाके में शनिवार की वो काली रात दो मेहनतकश नौजवानों, पांडव कुमार (21 वर्ष) और कृष्ण के लिए काल बनकर आई। आरोप है कि दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल में तैनात हेड कांस्टेबल नीरज बलहारा ने ड्यूटी न होने के बावजूद अपनी सरकारी पिस्तौल का धौंस दिखाते हुए इन युवकों को रोका। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के दावों के अनुसार, गोली चलाने से पहले आरोपी ने नफरत भरे लहजे में पूछा— “तू बिहार का रहने वाला है?”
जवाब मिलने से पहले ही नफरत का ट्रिगर दब गया। खगड़िया के रहने वाले पांडव कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी कृष्ण अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है।
सियासत के गलियारों में आक्रोश की गूँज
इस जघन्य हत्याकांड ने बिहार से लेकर दिल्ली तक की राजनीति में उबाल ला दिया है। नेताओं ने इस घटना को “बिहारी अस्मिता” पर हमला करार दिया है:
तेजस्वी यादव (RJD नेता): उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा, “भाजपा सरकार में ‘बिहारी होना’ ही सबसे बड़ा अपराध और देशद्रोह हो गया है। केंद्र से लेकर निगम तक भाजपा का शासन है, फिर भी दिल्ली पुलिस के संरक्षण में एक निर्दोष बिहारी की हत्या कर दी गई।”
पप्पू यादव (सांसद, पूर्णिया): पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे सांसद पप्पू यादव के आंसू छलक पड़े। उन्होंने रुंधे गले से कहा, “सबकी सेवा करे बिहारी, गंदगी उठाए बिहारी, और अंत में गोली और गाली भी खाए बिहारी? आखिर कब तक हमारे नौजवान दूसरे राज्यों में यूं ही शिकार होते रहेंगे?”
चिराग पासवान (केंद्रीय मंत्री): उन्होंने इसे बिहारी स्वाभिमान की लड़ाई बताते हुए कहा कि प्रवासियों के संरक्षण के लिए एक अलग मंत्रालय की जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर लगाम लग सके।
खाकी पर दाग: रक्षक ही बना भक्षक
हैरानी और शर्म की बात यह है कि जिस दिल्ली पुलिस पर सुरक्षा का जिम्मा है, उसी के एक कर्मी ने सरकारी हथियार से इस हत्याकांड को अंजाम दिया। हालांकि, पुलिस का कहना है कि आरोपी नीरज बलहारा को हरियाणा के रोहतक से गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन सवाल वही खड़ा है: क्या एक पुलिसकर्मी की मानसिकता में इतनी नफरत भरी है कि वह पहचान पूछकर गोली मार दे?
पलायन का दंश और “अछूत” सा व्यवहार
यह घटना बिहार के उस कड़वे सच को भी उजागर करती है, जहाँ 21 वर्षों की सत्ता और दावों के बावजूद युवाओं को दो वक्त की रोटी के लिए पलायन करना पड़ता है। दिल्ली, तमिलनाडु या महाराष्ट्र—हर जगह बिहारी युवक ‘सस्ते श्रम’ का साधन तो माने जाते हैं, लेकिन उन्हें वह सम्मान और सुरक्षा नहीं मिलती जिसके वे हकदार हैं।
“पांडव की मौत सिर्फ एक युवक की हत्या नहीं है, बल्कि उन करोड़ों बिहारियों के भरोसे की हत्या है जो अपने घर-परिवार को छोड़कर देश बनाने के लिए दूसरे शहरों में पसीना बहाते हैं।”
दिल्ली में बिहार के युवक पांडव की पुलिस की गोली से हुई दुखद मौत पर बिहार के प्रमुख नेताओं की प्रतिक्रियाएं काफी तीखी रही हैं। इस घटना ने प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा और ‘बिहारी अस्मिता’ को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।
आइए जानते हैं किस नेता ने क्या कहा-
• तेजस्वी यादव: उन्होंने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। तेजस्वी ने इसे ‘नफरत की राजनीति’ का परिणाम बताया और कहा कि देश की राजधानी में केवल ‘बिहारी’ होने के कारण किसी को निशाना बनाना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने सीधे तौर पर कानून-व्यवस्था और प्रवासी कामगारों के प्रति नफरत भरे व्यवहार पर सवाल उठाए हैं।
• चिराग पासवान: चिराग पासवान ने ‘बिहारी अस्मिता’ के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक अलग ‘प्रवासी मंत्रालय’ बनाने की अपनी मांग को दोहराया, ताकि देश के किसी भी हिस्से में बिहारी युवाओं के साथ ऐसा अन्याय न हो।
• पप्पू यादव: पप्पू यादव ने व्यक्तिगत रूप से दिल्ली जाकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने इस घटना को ‘निर्मम हत्या’ करार दिया और मृतक के परिवार के लिए न्याय और आर्थिक मदद की मांग की। उन्होंने दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए इसे पूरे बिहारी समाज का अपमान बताया।
• जितन राम मांझी: इस विस्मित कर देने वाली घटना पर जब केंद्रीय एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी से सवाल पूछा गया तो उनका जवाब बेहद चौंकाने वाला था. ‘दिल्ली में बिहार का युवक मारा गया है, कोई ऐसी बात होगी तो इसकी जांच की जाएगी. जांच के बाद अगर कोई दोषी होगा तो उस पर आवश्यक कार्रवाई होगी. इसमें कौन बड़ी बात है, मार दिया तो मार दिया. कोई ऐसे ही जानबूझकर कोई किसी को नहीं मार देता है. आपको किसी ने क्यों नहीं मारा. किसी पर कोई शंका होगी, इसकी जांच होगी.’
• तो ये हैं नेता जी को बोल अपनी जनता जनार्दन के लिए… वहीं जनता जनार्द्न जिनके एक एक वोट उन्हें सफलता की सीढ़ियों तक पहंचाती है….
मालिनी श्रीवास्तव की रिपोर्ट





