दिल्ली सचिवालय में ‘बांग्ला दिवस’ और पोइला बैसाख के अवसर पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बंगाल की समृद्ध परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में रवीन्द्र संगीत, बाउल संगीत, झुमैर और धुनुची नृत्य जैसी प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्सवमय बना दिया।
कला, संस्कृति एवं भाषा मंत्री कपिल मिश्रा ने इस मौके पर दिल्ली सरकार की ओर से शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बंगाल ने देश के स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर कला, साहित्य और विज्ञान तक हर क्षेत्र में अहम योगदान दिया है। उन्होंने ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को मजबूत करने की दिशा में ऐसे आयोजनों को महत्वपूर्ण बताया और कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली में सभी राज्यों के सांस्कृतिक दिवस मनाए जा रहे हैं।
मंत्री ने बंगाल को भारत की सांस्कृतिक और बौद्धिक चेतना का केंद्र बताते हुए कहा कि रवीन्द्रनाथ टैगोर, बंकिमचंद्र चटर्जी, सुभाष चंद्र बोस और स्वामी विवेकानंद जैसे महान व्यक्तित्वों ने देश को नई दिशा दी। कार्यक्रम में करीब 22 कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
यह आयोजन न सिर्फ सांस्कृतिक विविधता का उत्सव बना, बल्कि राष्ट्रीय एकता और साझा विरासत को भी मजबूती देने वाला साबित हुआ।






