बाल अधिकारों पर गहन अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता : प्रियांक कानूनगो सदस्य राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग भारत सरकार

( साउथ एशियन यूनिवर्सिटी (SAU)प्रेसिडेंट प्रो. (डॉ.) के. के. अग्रवाल की लीडरशिप में अपने सबसे नए चाइल्ड राइट्स सेंटर : सेंटर फॉर इंस्पायरिंग द राइट्स ऑफ चिल्ड्रन फॉर लर्निंग एंड एम्पावरमेंट का हुआ उद्घाटन सेंटर का उद्देश्य होगा बच्चों के सीखने और सशक्तीकरण के अधिकारों को प्रेरित करना )

( विजय गौड़ ब्यूरो चीफ ) साउथ एशियन यूनिवर्सिटी दिल्ली में सेंटर फॉर इंस्पायरिंग द राइट्स ऑफ चिल्ड्रन फॉर लर्निंग एंड एम्पावरमेंट का यूनिवर्सिटी परिसर में उद्घाटन हुआ इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी), नई दिल्ली के सदस्य और एनसीपीसीआर के पूर्व अध्यक्ष श्री प्रियांक कानूनगो ने भाषण दिया। उन्होंने बाल अधिकार केंद्र की स्थापना के लिए एसएयू को बधाई दी और बाल अधिकारों पर गहन अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही, उन्होंने बाल कल्याण, संरक्षण और विकास के लिए भारत सरकार के प्रयासों और प्रमुख सरकारी नीतियों की सराहना की। सुभारती विश्वविद्यालय की कुलाधिपति और एनसीपीसीआर की पूर्व अध्यक्ष सुश्री स्तुति नारायण कक्कड़ ने सार्क पहल से आठ देशों के बीच साझा शिक्षा के लिए एक संभावित क्षेत्रीय मंच बन गया है।डॉ. दक्षा शर्मा, सहायक प्रोफेसर, विधि अध्ययन संकाय ब्यूरो चीफ विजय गौड़ को बताया कि विश्वविद्यालय के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) के. के. अग्रवाल के मार्गदर्शन में, लक्ष्य बाल अधिकारों पर अनुसंधान, वकालत, नीति निर्माण, प्रशिक्षण और सामुदायिक पहुँच का केंद्र बनना है।डॉ. देव नाथ पाठक ने गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया और केंद्र की अंतःविषय प्रासंगिकता पर ज़ोर दिया।एसएयू के विधि अध्ययन संकाय के सहायक प्रोफेसर डॉ. बलराम प्रसाद राउत ने औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

उसी दिन ‘दक्षिण एशिया में बाल भागीदारी और संरक्षण पर एक पैनल चर्चा भी आयोजित की गई और इसमें बाल अधिकार और संरक्षण के क्षेत्र के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ शामिल हुए, श्री आमोद कंठ, एडवोकेट शशांक शेखर, सुश्री विजयलक्ष्मी अरोड़ा (यूनिसेफ, भारत), डॉ विक्रम श्रीवास्तव (एसएआईईवीएसी, नेपाल), परेश शाह (एनसीपीसीआर) और प्रोफ़ेसर बिस्वजीत दास। पैनल चर्चा के तहत सत्रों की अध्यक्षता प्रोफ़ेसर (डॉ) रितु गुप्ता, प्रोफेसर और डॉ धनंजय त्रिपाठी, एसोसिएट डीन, अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन संकाय (एसएयू) ने की इस प्रयास से यूनिवर्सिटी कीबाल अधिकारों और बचपन के अध्ययन को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता की पुष्टि हुई।
दिल्ली से ब्यूरो चीफ विजय गौड़ की विशेष रिपोर्ट

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