आयुष्मान वय वंदना योजना बना रही बुजुर्गों की सेहत की ढाल : विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता

नई दिल्ली, 16 मई 2025 —
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष और रोहिणी क्षेत्र के विधायक श्री विजेन्द्र गुप्ता ने आज रोहिणी सेक्टर-9 में आयोजित आयुष्मान वय वंदना कार्ड पंजीकरण शिविर का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए केंद्र सरकार की इस अभिनव योजना को एक “सेहत सुरक्षा कवच” बताया।

शिविर में बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिकों ने भाग लेकर योजना के प्रति अपना भरोसा जताया। श्री गुप्ता ने कहा कि आयुष्मान वय वंदना योजना, आयुष्मान भारत कार्यक्रम की एक क्रांतिकारी पहल है, जिसके तहत वरिष्ठ नागरिकों को सालाना ₹10 लाख तक का मुफ्त और कैशलेस इलाज मिलेगा। यह टॉप-अप सुविधा उन्हें मौजूदा ₹5 लाख की सीमा से आगे की सुरक्षा प्रदान करती है।

उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल बुजुर्गों की पुरानी बीमारियों के इलाज को आसान बनाएगी, बल्कि देशभर के सूचीबद्ध अस्पतालों में सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं भी सुनिश्चित करेगी। उन्होंने इसे केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी सोच का प्रमाण बताते हुए कहा कि इससे न केवल आम लोगों पर इलाज का आर्थिक बोझ कम होगा, बल्कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति विश्वास भी बढ़ेगा।

श्री गुप्ता ने जनता से इस योजना का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को समान स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है, और आयुष्मान वय वंदना योजना इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।

  • Leema

    Related Posts

    अग्रसेन के विचार एवं सिद्धांत आज के युग में भी प्रासंगिक है: स्वामी आर्यवेश

    भिवानी, 10 अक्टूबर। बच्चों को केवल पुस्तकों के माध्यम से महापुरुषों के जीवन से परिचित करवाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से उनके विचारों को समझने और…

    पैरामाउंट सिंटेक्स के आईपीओ को मिला दमदार रिस्पॉन्स

    मुंबई (अनिल बेदाग): वस्त्र उद्योग की कंपनी पैरामाउंट सिंटेक्स लिमिटेड के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को निवेशकों का शानदार समर्थन मिला है। कंपनी का 81.79 करोड़ रुपये का लघु एवं…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    हस्तरेखा से भी पता चलता है पितृदोष

    हस्तरेखा से भी पता चलता है पितृदोष

    कुंडली में पितृदोष कैसे पहचाना जाता है? जानिए ज्योतिषीय मान्यताएं

    कुंडली में पितृदोष कैसे पहचाना जाता है? जानिए ज्योतिषीय मान्यताएं

    पितृपक्ष ही नहीं, हर अमावस्या पितरों को याद करें, उनके नाम पर किसी गरीब के जीवन में रोशनी लाएं

    पितृपक्ष ही नहीं, हर अमावस्या पितरों को याद करें, उनके नाम पर किसी गरीब के जीवन में रोशनी लाएं

    अग्रसेन के विचार एवं सिद्धांत आज के युग में भी प्रासंगिक है: स्वामी आर्यवेश

    अग्रसेन के विचार एवं सिद्धांत आज के युग में भी प्रासंगिक है: स्वामी आर्यवेश

    पैरामाउंट सिंटेक्स के आईपीओ को मिला दमदार रिस्पॉन्स

    पैरामाउंट सिंटेक्स के आईपीओ को मिला दमदार रिस्पॉन्स

    कुलजीत सिंह चहल ने 43 एनडीएमसी एवं नवयुग स्कूलों में ‘सेवा चित्र’ प्रतियोगिताओं का किया शुभारंभ

    कुलजीत सिंह चहल ने 43 एनडीएमसी एवं नवयुग स्कूलों में ‘सेवा चित्र’ प्रतियोगिताओं का किया शुभारंभ